Manipur Violence: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में मंगलवार को तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इसकी वजह यह रही कि कुकी-जो प्रदर्शनकारियों ने कांगपोकपी और इम्फाल पश्चिम जिलों की सीमा पर प्रदर्शन किया और कांगपोकपी में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के रास्ते आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बहाल करने की मांग की।
यह घटनाक्रम नागा समूहों द्वारा डेढ़ महीने से जारी ‘आर्थिक नाकाबंदी’ के बीच सामने आया है, जिसके तहत कुकी-ज़ो क्षेत्रों में माल और आपूर्ति का प्रवेश अवरुद्ध है, क्योंकि दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया है। कुकी-ज़ो बहुल जिला कांगपोकपी सबसे अधिक प्रभावित है, क्योंकि जिले में माल प्रवेश करने वाले दोनों प्रमुख मार्गों को नागा-बहुल सेनापति जिले और राज्य की राजधानी में स्थित नागा समूहों द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया है, जैसा कि इंडियन एक्सप्रेस ने पहले बताया था।
बफर जोन की ओर बढ़ें प्रदर्शनकारी
मंगलवार को प्रदर्शनकारी ‘बफर जोन’ की ओर बढ़े – जो मेइतेई और कुकी-ज़ो आबादी वाले क्षेत्रों के बीच स्थित है। यहां मई 2023 से दोनों समुदायों के बीच संघर्ष के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा भारी संख्या में तैनात किया गया है। कांगपोकपी जिले में गामगिफाई से आगे, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि सामानों को अवरुद्ध किया जा रहा है।
बफर जोन में तैनात सुरक्षा बलों ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया जिसके परिणामस्वरूप प्रदर्शनकारियों के साथ संक्षिप्त झड़प हुई। तनाव बढ़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने और उन्हें बफर जोन पार करने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।
48 घंटे का अल्टीमेटम
मंगलवार का विरोध प्रदर्शन कांगपोकपी स्थित कुकी-ज़ो संगठन, जनजातीय एकता समिति द्वारा बुलाया गया था। संगठन ने 27 जून को केंद्र और मणिपुर सरकार को राजमार्ग पर माल ढुलाई बहाल करने के लिए 48 घंमणिपुर का कांगपोकपी जिला मंगलवार को एक बार फिर अशांति और तनाव की चपेट में आ गया।
कांगपोकपी और इम्फाल पश्चिम जिले की सीमा पर बड़ी संख्या में कुकी-जो समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (NH-2) के रास्ते कांगपोकपी जिले में आवश्यक वस्तुओं और राशन की सप्लाई को तुरंत बहाल किया जाए।
डेढ़ महीने से जारी है ‘आर्थिक नाकाबंदी
यह नया विवाद नागा समूहों द्वारा पिछले डेढ़ महीने से की गई ‘आर्थिक नाकाबंदी’ के कारण पैदा हुआ है। नागा समूहों ने कुकी-जो बहुल इलाकों में जाने वाले माल और राशन की गाड़ियों को पूरी तरह से रोक दिया है। कुकी-जो बहुल जिला कांगपोकपी इस नाकाबंदी से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिले में सामान एंट्री करने वाले दोनों मुख्य रास्तों को नागा-बहुल सेनापति जिले और राज्य की राजधानी (इम्फाल) में सक्रिय नागा समूहों ने बंद कर रखा है।
बफर जोन पर सुरक्षा बलों के साथ झड़प
मंगलवार को हालात तब बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए ‘बफर जोन’ की तरफ बढ़ने लगे। यह बफर जोन मेइतेई और कुकी-जो आबादी वाले इलाकों के बीच का हिस्सा है, जहां मई 2023 से भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं। जब प्रदर्शनकारी कांगपोकपी जिले के गामगिफाई से आगे बढ़े, तो वहां तैनात सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया। जुलूस के रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हो गई। तनाव को बढ़ता देख सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने और उन्हें बफर जोन पार करने से रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
सरकार को मिला था 48 घंटे का अल्टीमेटम
इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान कांगपोकपी के कुकी-जो संगठन, ‘जनजातीय एकता समिति’ (COTU) ने किया था। संगठन ने 27 जून को केंद्र और मणिपुर सरकार को चेतावनी देते हुए राजमार्ग पर माल ढुलाई शुरू कराने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि यदि सोमवार तक नाकाबंदी नहीं हटाई गई, तो वे जनता के अधिकारों और सुरक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से कदम उठाएंगे, जिसके तहत यह प्रदर्शन किया गया।
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