नॉर्थ ईस्ट राज्य मणिपुर में 2023 की जातीय हिंसा के बाद से बंद पड़ी राज्य की लाइफलाइन यानी इंटर स्टेट बस सर्विस को जल्द ही दोबारा शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद ने इसका ऐलान किया। शनिवार को मुख्यमंत्री कांगपोकपी जिला मुख्यालय के दौरे पर थे जहां उन्होंने स्थानीय समुदाय के नेताओं के साथ बैठक की और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसी दौरान उन्होंने कहा कि मणिपुर की लाइफलाइन सभी समुदाय के लिए खुल गई है और जल्द ही नेशनल हाईवे पर बस सर्विस को फिर से शुरू किया जाएगा।

सभी नेशनल हाईवे भी खुलेंगे

मणिपुर की यह इंटर स्टेट बस सर्विस राज्य की राजधानी इंफाल को असम के गुवाहाटी से जोड़ती है। सीएम ने कहा कि मणिपुर में शांति बहाल हो रही है और हालात सामान्य होने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम है। डिप्टी सीएम नेमचा किपगेन और एनडीए विधायकों की मौजूदगी में इंटर स्टेट बस सर्विस को फिर से चालू किए जाने का फैसला लिया गया। सीएम ने बताया कि सभी नेशनल हाईवे भी दोबारा खोले जाएंगे। सीएम की इस घोषणा के बाद राज्य में कनेक्टिविटी बहाल होगी

इस फैसले का किसी ने नहीं किया विरोध

बता दें कि मई 2023 में मेतेई-कुकी जातीय हिंसा के बाद यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री ने इंटर स्टेट बस सर्विस को दोबारा खोले जाने का ऐलान किया है और नेशनल हाईवे खोलने की भी औपचारिक घोषणा की है। फरवरी में खेमचंद के मुख्यमंत्री बनने से पहले एन बीरेन सिंह मुख्यमंत्री थे। पिछली बार जब केंद्र ने कुकी-जो काउंसिल (KZC) के साथ दो दर्जन कुकी विद्रोही ग्रुप्स के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स (SoO) एग्रीमेंट को बढ़ाने पर मीटिंग के बाद ऐसी ही घोषणा की थी तो कुकी बॉडी ने साफ किया था कि “फ्री मूवमेंट” जैसी कोई चीज नहीं है। इस बार किसी भी कुकी विद्रोही ग्रुप या उनके सिविलियन इंटरफेस ने शांति कदम का विरोध करने की घोषणा नहीं की है।

मणिपुर में किया गया माओवादियों का खात्मा

केंद्र ने मणिपुर में शांति विरोधी ग्रुप्स से निपटने के लिए कोबरा यूनिट्स भेजी हैं, जिन्होंने माओवादियों को खत्म किया था। अब सरकार की शांति बनाने और सुलह की कोशिशों के तहत खेमचंद सिंह ने कांगपोकपी जिला हेडक्वार्टर में कुकी बस्तियों का दौरा किया और कम्युनिटी लीडर्स से मिले। इस दौरान उन्होंने डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया और सरकारी स्कीमों के तहत वेलफेयर बेनिफिट्स बांटे।

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मणिपुर में हाल के दिनों में हिंसक घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। पिछले सप्ताह उखरुल जिले में उग्रवादियों के घात लगाकर किए गए हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए थे। यहां पढ़ें पूरी खबर