मणिपुर में गुरुवार से शनिवार तक सभी स्कूलों और विश्वविद्यालयों को बंद रखने की घोषणा की गयी है। मणिपुर सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए बुधवार को घोषणा की कि राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान 20 से 22 अगस्त तक बंद रहेंगे।
राज्य शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया, ”राज्य में कानून और व्यवस्था की वर्तमान स्थिति को देखते हुए मणिपुर के राज्यपाल द्वारा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या अन्य से संबद्ध; सरकारी, सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त क्षेत्रों के तहत आने वाले कॉलेजों और विश्वविद्यालयों सहित सभी उच्च शिक्षा संस्थानों/स्कूलों को 20 अगस्त से 22 अगस्त तक बंद रखने की घोषणा की जाती है।”
आदेश में आगे कहा गया है कि सभी उपायुक्तों, क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों और संबंधित निदेशकों को अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्कूलों और संस्थानों में इस आदेश को प्रसारित करने के लिए कहा गया है।
मणिपुर में 48 घंटे की हड़ताल
इस बीच, राज्य में जनगणना प्रक्रिया आयोजित करने से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर ‘कैम्पेन फॉर जस्ट एंड फेयर डीलिमिटेशन’ (JAFD) द्वारा शुरू की गयी 48 घंटे की हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के पुतले जलाए और मणिपुर के घाटी जिलों के विभिन्न हिस्सों में रैलियां निकालीं।
जेएफडी ने अपने आंदोलन के तहत बृहस्पतिवार से सभी सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार का भी ऐलान किया है। इंफाल पूर्व जिले के खुरई लामलोंग में प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह और गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम के पुतले जलाए। इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, बिष्णुपुर और थौबल जिलों में कई स्थानों पर सड़कों को बाधित किया गया था। बंद समर्थकों ने निजी वाहनों और सुरक्षा बलों के वाहनों को आगे बढ़ने से रोका और उन्हें लौटने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि थौबल जिले में पर्यवेक्षकों, गणनाकर्ताओं और क्षेत्रीय प्रशिक्षकों के लिए आयोजित जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया।
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सूरत पुलिस ने टेक्सटाइल वर्कर्स के विरोध प्रदर्शन को भड़काने के आरोप में 26 लोगों को हिरासत में लिया। कपड़ा कारखानों के सैकड़ों श्रमिकों द्वारा बंद के आह्वान के बाद हुई झड़प के दो दिन बाद पुलिस ने मंगलवार को अशांति भड़काने के आरोप में 26 लोगों को हिरासत में लिया। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
(भाषा के इनपुट के साथ)
