Manipur News: मणिपुर में छह नागा पुरुषों के लापता होने और अपहरण के संदेह के 28 दिन बाद बुधवार दोपहर को सुरक्षाबलों ने छह शव बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि ये शव 13 मई को अपहरण किए गए लोगों के ही होने की आशंका है।

मणिपुर के कांगपोकपी जिले के नागा गांव कोंसखुल से लापता छह लोगों की तलाश पिछले चार हफ्तों से जारी है। यह घटनाक्रम नागा समूहों द्वारा सेनापति जिले में बंधक बनाए गए 14 कुकी पुरुषों को रिहा करने के एक दिन बाद सामने आया है। इन समूहों ने मांग की थी कि उनके समुदाय के छह लोगों का पता लगाकर उन्हें सौंप दिया जाए।

24 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन

मणिपुर पुलिस ने कहा, “मणिपुर पुलिस, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के लगभग 450 कर्मियों द्वारा खोजी कुत्तों और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीमों की सहायता से चलाए गए लगभग 24 घंटे के सर्च अभियान के बाद आज दोपहर छह लोगों के शव बरामद किए गए।”

पुलिस ने कहा, “माना जा रहा है कि मृतक 13 मई को लेइलोन वाइफेई से बंधक बनाए गए लोगों में शामिल थे। पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और जांच जारी है।”

बड़ी सख्या में हुआ था अपहरण

एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि शव लेइलोन वाइफेई और खराम वाइफेई के बीच के एक इलाके में मिले, जो उस स्थान के करीब है, जहां 13 मई को कोंसाखुल से बड़ी संख्या में लोगों का अपहरण किया गया था। थाडौ बैपटिस्ट एसोसिएशन के तीन चर्च नेताओं की हत्या के बाद दोनों समुदायों के बीच शत्रुता बढ़ गई है।

कुकी समूहों का आरोप है कि इस हमले के लिए नागा सशस्त्र समूह जिम्मेदार थे। इसके जवाब में कई नागा ग्रामीणों का अपहरण कर लिया गया, जिनमें 13 मई को एक शादी समारोह से लौट रहे कई लोग भी शामिल थे। कोंसखुल के स्थानीय लोगों ने लापता हुए छह नागा पुरुषों की पहचान मनु थिउमाई, केनपिबू, दिलीप थिउमाई, फेन्रिलुंगबू, कालीवांगबू और फेनरोंगविबू के रूप में की थी। मनु थिउमाई और केनपिबू चरवाहे थे। इसके बाद नागा समूहों ने सेनापति जिले में कुकी जनजाति के दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों का अपहरण भी कर लिया था।

कई बंधकों की हुई थी रिहाई

बता दें कि 15 मई को दोनों पक्षों ने 14-14 बंधकों को रिहा कर दिया लेकिन नागा समूह 14 बंधकों को अपने कब्जे में रखे रहे और उन छह लोगों की रिहाई की मांग करते रहे, जिनके बारे में उनका आरोप था कि उन्हें कुकी समूहों ने अगवा किया था। दूसरी ओर कुकी समूहों ने दावा किया कि उन्होंने अपने सभी बंधकों को रिहा कर दिया है और उन्हें उन छह लोगों के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

बंधक संकट के लंबा खिंचने के बाद मंगलवार को 14 कुकी पुरुषों को रिहा कर दिया गया और उन्हें कांगपोकपी जिले के ताफौ गांव में सौंप दिया गया, जहां उनमें से अधिकांश रहते हैं।

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