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MP किसान आंदोलन: मृतकों के परिवार से मिले राहुल गांधी, बोले- मारे गए किसान को मिले शहीद का दर्जा

Mandsaur Protest: राहुल गांधी ने कहा, "मैं किसानों से परिवार से सिर्फ दो मिनट मिलकर यह कहना चाहता था कि हम आपके साथ है, लेकिन मुझे नहीं मिलने दिया गया। मैं सिर्फ उनका दर्द बांटना चाहता था। क्या मैं इस देश का नागरिक नहीं हूं?

Author नई दिल्‍ली | Updated: June 8, 2017 10:16 PM
मृतक किसानों के परिवार से मिले राहुल गांधी। (Photo Source: Twitter/INC India)

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवार वालों से मुलाकात की। आंदोलन में पुलिस फायरिंग में मारे गए 5 लोगों में 4 परिवारों ने कांग्रेस उपाध्यक्ष से मुलाकात की। राहुल से मुलाकात के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों के परिवार को लेकर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले पहुंचे थे। राहुल गांधी आज किसानों के परिवार से मिलने के लिए मंदसौर जा रहे थे। लेकिन इससे पहले राहुल और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में हिरासत में ले लिया गया। मंदसौर जाने से रोके जाने पर राहुल गांधी ने राजस्थान और मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा और कर्ज माफी के लिए आंदोलन करने में मारे गए किसानों को शहीद का दर्जा देने की मांग की है।उन्होंने कहा कि किसान का परिवार यह मांग कर रहा है और हम इसका समर्थन करते हैं।

एएनआई के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा, “मैं किसानों से परिवार से सिर्फ दो मिनट मिलकर यह कहना चाहता था कि हम आपके साथ है, लेकिन मुझे नहीं मिलने दिया गया। मैं सिर्फ उनका दर्द बांटना चाहता था। क्या मैं इस देश का नागरिक नहीं हूं? क्या मुझे इसलिए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बीजेपी शासित राज्यों में सिर्फ इसलिए नहीं जाने दिया गया क्योंकि मैं आरएसएस से ताल्लुक नहीं रखता है।” मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि ये किसानों को भूल गए हैं और इन्हें सिर्फ देश के 50 रईसों के कर्ज माफ करना याद है। देश में किसान मदद के लिए रो रहा है लेकिन सरकार उसको सुनने को तैयार नहीं है। किसानों के कर्ज माफी के मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा।

राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान सरकार पर किसानों के पुलिस फायरिंग में मारे जाने के मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने आरोप में कहा कि गोलीकांड में शामिल सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। किसानों को चेतावानी नहीं दी गई और सभी ऑपरेशन प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए उनके सीने में गोली मार दी गई। यह बर्बरतापूर्ण घटना है। जिनकी मौत हुई है, उन्हें शहीद का दर्जा मिलना चाहिए।

बता दें कि 1 जून से मध्य प्रदेश के मंदसौर समेत कई जगहों पर किसान कर्ज माफी और फसल की उचित कीमत दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मंगलवार को पुलिस फायरिंग में 5 किसानों की मौत हो गई थी। जिसके बाद विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और किसानों ने 100 से ज्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। यहीं नहीं पुलिस थाने को भी फूंक डाला।

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