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ममता बनर्जी की जीत से बना भरोसा, टीएमसी ने प्रशांत किशोर की टीम को दी 2026 तक की ज़िम्मेदारी

टीएमसी अन्य राज्यों में भी अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहती है। प्रशांत किशोर की टीम पहले से ही त्रिपुरा में मौजूद है। खबरों के अनुसार टीएमसी यूपी में भी कुछ सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भारतीय राजनीति में लगातार चर्चाओं में रहते हैं। हाल ही में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की जीत में उनका अहम योगदान माना जा रहा है। चुनाव परिणाम के बाद हालांकि उन्होंने अपने आप को इस कार्य से अलग कर लिया है लेकिन उनकी कंपनी I-PAC को ममता बनर्जी ने 2026 के विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी भी सौंप दी है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार आईपैक बंगाल में टीएमसी के लिए सभी तरह के चुनाव के लिए रणनीति बनाने का काम करेगी। चाहे वो पंचायत चुनाव हो या स्थानीय कोई और चुनाव। कंपनी के साथ टीएमसी का यह कॉन्ट्रैक्ट अगले विधानसभा चुनाव तक रहेगा। बताते चलें कि टीएमसी अन्य राज्यों में भी अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहती है। प्रशांत किशोर की टीम पहले से ही त्रिपुरा में मौजूद है। खबरों के अनुसार टीएमसी यूपी में भी कुछ सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।

गौरतलब है कि हाल ही में प्रशांत किशोर ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के साथ करीब 4 घंटे तक बातचीत की। यह बातचीत शरद पवार के मुंबई स्थित सिल्वर ओके बंगले में हुई। शरद पवार के साथ हुई बैठक को लेकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मुलाकात का मकसद 2024 के लोकसभा चुनावों में विपक्षी एकजुटता बनाने को लेकर है। हालांकि शारद पवार के भतीजे ने ऐसी किसी संभावनाओं से इंकार किया है।

सूत्रों के अनुसार प्रशांत किशोर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में समर्थन करने वाले सभी नेताओं से मिलेंगे। इन चुनावों में ममता बनर्जी और एम के स्टालिन को शानदार जीत मिली थी। प्रशांत किशोर ही पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में द्रमुक के चुनावी रणनीति और प्रबंधन को संभाल रहे थे। प्रशांत किशोर ने इसी कड़ी में एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाक़ात की।

राजनीति के कई जानकारों का मानना है कि प्रशांत किशोर एंटी-बीजेपी क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। आने वाले समय में वो एमके स्टालिन और अरविंद केजरीवाल सहित कई अन्य नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं।

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