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बंगाल: नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी सीएम ममता बनर्जी, यहीं से चुनाव जीते थे शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। ज्ञात हो कि नंदीग्राम से 2016 में शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल के टिकट पर विधानसभा का चुनाव जीता था। नंदीग्राम पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में आता है। पूर्व मेदिनीपुर जिला राजनीतिक रूप से हाल ही भाजपा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी का गढ़ रहा है।

west bangalपश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। ज्ञात हो कि नंदीग्राम से 2016 में शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल के टिकट पर विधानसभा का चुनाव जीता था। नंदीग्राम पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में आता है। पूर्व मेदिनीपुर जिला राजनीतिक रूप से हाल ही भाजपा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी का गढ़ रहा है। शुभेंदु 2014 के लोकसभा चुनाव में इस जिले की तामलुक लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। वहीँ इनके पिता शिशिर कुमार अधिकारी भी पूर्व मेदिनीपुर जिले के ही कांथी लोकसभा से वर्तमान में सांसद हैं। शुभेंदु के भाजपा में शामिल होने के बाद से ही कयास लगाये जा रहे थे कि तृणमूल अपने किसी बड़े नेता को उनके खिलाफ उतार सकती है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में आयोजित एक रैली में कहा कि दूसरे दलों में जाने वालों को लेकर उन्हें कोई चिंता नहीं है क्योंकि जब तृणमूल कांग्रेस बनी थी तब उनमें से कोई साथ नहीं था। ममता दीदी का इशारा भाजपा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी की तरफ था। ममता बनर्जी ने आगे कहा कि मैंने हमेशा से ही नंदीग्राम से विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत की है। यह मेरे लिए बेहद ही भाग्यशाली स्थान है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगा कि इस बार यहां से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए। इसके लिए मैं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी से इस सीट से मेरा नाम मंजूर करने का अनुरोध करती हूं। जिसके तुरंत बाद मंच पर मौजूद रहे बख्शी ने ममता दीदी का अनुरोध स्वीकार कर लिया। ममता बनर्जी फिलहाल दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर से विधायक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि संभव हुआ तो मैं भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों जगहों से चुनाव लडूंगी। यदि मैं भवानीपुर से चुनाव नहीं लड़ पायी तो कोई और वहां से चुनाव लड़ेगा।’’

नंदीग्राम को पूर्ववर्ती वाम मोर्चे की सरकार में विशेष आर्थिक क्षेत्र में शामिल किया गया था। विशेष आर्थिक क्षेत्र के निर्माण के दौरान वाम मोर्चा सरकार के द्वारा जबरन  जमीन अधिग्रहण के विरूद्ध यहाँ एक विशाल जनआंदोलन हुआ था। लंबे समय तक चले और रक्तरंजित रहे इस आंदोलन में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने एक बड़ी भूमिका निभाई थी। जिसके कारण तृणमूल राज्यभर में जमकर उभरी एवं 2011 में सत्ता तक जा पहुंचीं। ममता बनर्जी ने साल 2011 में 34 साल तक अभेद रहे वाम मोर्चा के किले को ध्वस्त कर दिया था। हालांकि तृणमूल छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी ने ममता दीदी पर आरोप लगाया कि जिस क्षेत्र ने बनर्जी को सत्ता दिलाने में मदद की उसी क्षेत्र के लोगों को उन्होंने भुला दिया। ममता बनर्जी फिलहाल दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर से विधायक हैं।

तृणमूल छोड़ कर गए नेताओं को लेकर ममता बनर्जी ने कहा है कि वह ‘कुछ लोगों ’ को बंगाल को भाजपा के हाथों नहीं बेचने देंगी। उन्होंने कहा कि जो पार्टी से चले गये, उन्हें मेरी शुभकामनाएं हैं। उन्हें देश का राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति बनने दीजिए। लेकिन आप बंगाल को भाजपा के हाथों बेचने का दुस्साहस नहीं करें। जब तक मैं जिंदा हूं, मैं उन्हें अपने राज्य को भाजपा के हाथों नहीं बिकने दूंगी। ज्ञात हो कि अप्रैल-मई के महीने में राज्य में विधानसभा चुनाव होने को हैं। भाजपा राज्य में एक दशक से राज कर रही तृणमूल को सत्ता से उखाड़ फेंकने की जी-तोड़ कोशिश में जुटी है।

भाषा इनपुट्स के आधार पर

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