हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगूर में ममता सरकार पर ‘उद्योग विरोधी’ होने का आरोप लगाया था। यह वही सिंगूर है, जहां कभी टाटा नैनो फैक्ट्री का प्रोजेक्ट जमीन विवाद के कारण बंद हो गया था। इसके ठीक दस दिन बाद बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सिंगूर में बड़ी रैली की। इसी जगह से करीब दो दशक पहले उन्होंने टाटा नैनो परियोजना के खिलाफ जमीन आंदोलन चलाया था, जिसने टीएमसी को सत्ता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। इस रैली में ममता बनर्जी ने 1694 सरकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत लगभग 33,551 करोड़ रुपये बताई गई। यह आयोजन विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुआ है।

सीएम बोलीं- वादा तोड़ने से बेहतर मर जाना

रैली में ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कई लोग बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन निभाते नहीं। उन्होंने कहा कि उनका सिद्धांत है कि वादा तोड़ने से बेहतर मर जाना है। उन्होंने खुद को “मां, माटी और मानुष” की सरकार बताते हुए कहा कि वह जुमलेबाजी नहीं करतीं।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कानून-व्यवस्था और “सिंडिकेट टैक्स” के आरोपों पर पलटवार करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि सिंगूर में खेती और उद्योग दोनों साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि सिंगूर में 77 एकड़ जमीन पर निजी औद्योगिक पार्क तैयार किया गया है, जहां अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपने वेयरहाउस बनाएंगे और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा आठ एकड़ में 9.2 करोड़ रुपये की लागत से एग्रो-इंडस्ट्रियल पार्क भी बनाया गया है। उन्होंने साफ कहा कि विकास होगा, लेकिन जबरन खेती की जमीन नहीं छीनी जाएगी।

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प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत केंद्र से फंड बंद होने के बाद राज्य सरकार ने 2024 में ‘बांग्लार बाड़ी’ योजना शुरू की थी। ममता बनर्जी ने बताया कि अब तक एक करोड़ घर बनाए जा चुके हैं और अगले दो महीनों में 32 लाख और घर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली से एक भी रुपया नहीं मिला, लेकिन वह नहीं चाहतीं कि कोई बेघर रहे। हालांकि, इसी दौरान राज्य सरकार के बढ़ते कर्ज का मुद्दा भी चर्चा में है, जो 2025-26 में 7.72 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री ने घाताल मास्टर प्लान पर भी जोर दिया, जिसका मकसद पश्चिम मेदिनीपुर में हर साल आने वाली बाढ़ से राहत दिलाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि दामोदर वैली कॉरपोरेशन (डीवीसी) की वजह से घाताल में बाढ़ आती है। उन्होंने बताया कि अब तक 500 करोड़ रुपये का काम हो चुका है और जल्द ही 1,000 करोड़ रुपये का और काम पूरा होगा। इस योजना के तहत बांधों की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी, नहरों की खुदाई होगी और कई पुल बनाए जाएंगे। घाताल के सांसद और अभिनेता देव ने इस योजना के लिए ममता बनर्जी का धन्यवाद किया।

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चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी ममता बनर्जी ने भाजपा और आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाने की साजिश हो रही है और इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया और एसआईआर से जुड़ी मौतों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।

इसके अलावा, ममता बनर्जी ने बंगाली भाषा को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के दबाव के बाद ही बंगाली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिला। साथ ही, उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषियों के साथ कथित हिंसा का मुद्दा उठाया। यह हमला टीएमसी के ‘भाषा आंदोलन’ की कड़ी माना जा रहा है, जो पिछले साल शुरू किया गया था।