पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद से सियासी पारा और ज्यादा गरम है। राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को दावा किया कि चुनाव परिणाम वाले दिन बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके हार्ट अटैक से मरने की कामना की थी।
ममता बनर्जी ने गुरुवार सुबह कहा, “किसी को भी उम्र को लेकर शर्मिंदा करने की कोशिश न करें… चुनाव नतीजों वाले दिन, बीजेपी के गुंडों ने मेरे हार्ट अटैक से मरने की कामना की थी। मैं तब तक जिदा रहूंगी जब तक तुम्हारा अंत न देख लूं।”
पुराने वफादारों द्वारा लगातार दिए जा रहे झटकों के बीच ममता बनर्जी ने कहा, “मैं आम लोगों और मजदूरों के लिए लड़ूंगी। मेरे पास काफी कार्यकर्ता हैं, कई नए लोग भी हमारे साथ जुड़ रहे हैं।”
‘टीएमसी की 21 जुलाई की रैली हर हाल में होगी’
इससे पहले बुधवार को ममता बनर्जी ने 21 जुलाई को उनकी पार्टी की ‘शहीद दिवस’ रैली “हर हाल” में होगी। उन्होंने कहा कि अगर बागी गुट या बीजेपी ने इसमें रुकावट डालने की कोशिश की, तो वह बिना माइक के रिक्शे पर बैठकर भी रैली को संबोधित करने के लिए तैयार हैं।
ममता बनर्जी की ये टिप्पणियां टीएमसी में चल रही उठापटक के बीच आई हैं। टीएमसी का बागी गुट इस साल 21 जुलाई को एक अलग कार्यक्रम करने की योजना बना रहा है।
बुधवार को ममता बनर्जी ने फेसबुक पर एक लाइव के जरिए कहा, “मैं प्रशासन से निष्पक्ष रहने का अनुरोध करती हूं। वे साज-सज्जा करने वालों या साउंड सिस्टम का संचालन करने वालों को डराने-धमकाने की कोशिश कर सकते हैं। कृपया ऐसा न करें।”
उन्होंने कहा, “हम बिना माइक के भी बोल सकते हैं। जरूरत पड़ने पर हम रिक्शा या हाथगाड़ी पर खड़े होकर सभा को संबोधित करेंगे। एक बार जब हमने रैली की घोषणा कर दी है, तो वह निश्चित रूप से होगी।”
ममता बनर्जी ने दावा किया कि कुछ दिन पहले पुलिस ने पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन और शोभनदेव चट्टोपाध्याय को बुलाकर उन्हें हाजरा क्रॉसिंग पर कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा, “उन्होंने इसे ऐसे दिखाया, जैसे यह सड़क किनारे होने वाला कोई मामूली स्थानीय कार्यक्रम हो। वे ऐसा सोच भी कैसे सकते हैं?”
यह भी पढ़ें: कौन हैं मदन मित्रा? ममता बनर्जी ने बताया था ‘कलरफुल बॉय’
ममता बनर्जी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मदन मित्रा ने टीएमसी के बागी गुट में शामिल हो गए हैं। उन्होंने अपने पार्टी छोड़ने को लेकर स्पष्ट तौर पर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की राजनीतिक शैली को जिम्मेदार बताया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
