तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी सोमवार को कोलकाता के रानी रश्मोनी एवेन्यू पहुंच गई हैं। टीएमसी नेताओं पर कथित हमलों के खिलाफ ममता बनर्जी ने विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध कार्यक्रम में टीएमसी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री को वाई सर्किल पर धरने-प्रदर्शन की इजाजत नहीं है।
टीएमसी का आरोप है कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी व दिग्गज कल्याण बनर्जी समेत कई नेताओं को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। इसी के विरोध में पार्टी ने यह प्रदर्शन आयोजित किया।
मतगणना में बीजेपी ने धांधली की
कोलकाता में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि 177 में से 294 विधानसभा सीटों की मतगणना में बीजेपी ने धांधली की, तभी वह बंगाल चुनाव जीती। धरना स्थल से ममता बनर्जी ने कहा, ”पुलिस टीएमसी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनों में भाग ना लेने की धमकी दे रही है लेकिन मैं विरोध प्रदर्शन जारी रखूंगी। ”
टीएमसी प्रमुख ने आगे कहा, ”पुनर्वास के बिना फेरीवालों (हॉकरों) को हटाना टीएमसी सरकार की नीति नहीं थी, हमने हमेशा मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। मैं इन कठिन परिस्थितियों में टीएमसी कार्यकर्ताओं का साथ नहीं छोड़ूंगी। ”
ममता ने आगे कहा कि मुझे इस बात का दुख है कि जिन लोगों को मैंने जीवन में आगे बढ़ने में मदद की, वे आज एक गद्दार के साथ खड़े हो गए हैं। ममता बनर्जी का यह बयान संभवतः सुवेंदु अधिकारी की ओर इशारा माना जा रहा है।
इससे पहले ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं के साथ भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वह सीधे रानी रश्मोनी एवेन्यू पहुंचीं और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।
टीएमसी नेताओं का कहना है कि विपक्षी दल और कुछ एजेंसियां राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से उनकी पार्टी के नेताओं को परेशान कर रही हैं। पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है। रानी रश्मोनी एवेन्यू में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। टीएमसी ने साफ किया है कि पार्टी नेताओं पर कथित हमलों और राजनीतिक उत्पीड़न के खिलाफ उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा।
‘बेतुका और तानाशाहीपूर्ण आचरण’
सोमवार को इससे पहले ममता बनर्जी ने इन घटनाओं की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘बेतुका और तानाशाहीपूर्ण आचरण’ बताया था।
उन्होंने कहा, “देश की दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के सांसद पर जिस तरह हमला किया गया, वह बेहद चौंकाने वाला है। डॉक्टरों को बुलाया गया लेकिन कथित तौर पर अस्पतालों को इलाज ना देने के निर्देश दिए गए। यह कैसी बेतुकी और तानाशाहीपूर्ण कार्यशैली है?”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भी मजबूत होगी। कुछ विधायकों और सांसदों को डराकर या लालच देकर आप पार्टी को कमजोर नहीं कर सकते बल्कि इससे पार्टी और अधिक मजबूत हो रही है।”
बनर्जी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी पार्टी को कोलकाता में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई तो वह आंदोलन को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक ले जाएंगी। उन्होंने कहा, “अगर चाहो तो मुझे गिरफ्तार कर लो। टीएमसी 2 जून को पुलिस की अनुमति, माइक्रोफोन या मंच के बिना भी अपना विरोध प्रदर्शन करेगी। यदि हमें कोलकाता में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिली, तो हम दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे।”
यह प्रदर्शन अभिषेक बनर्जी के उस आरोप के बाद आयोजित किया जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा कि दक्षिण 24 परगना की यात्रा के दौरान उन पर ईंटों, पत्थरों और अंडों से हमला किया गया, जिससे उनकी आंख में चोट लगी।
पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी आरोप लगाया है कि चंदितला पुलिस स्टेशन के पास ज्ञापन सौंपने के दौरान उन पर ‘हत्या का प्रयास’ किया गया, लेकिन वे बच गए। इस बीच पुलिस ने अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है।
