नरेंद्र मोदी से मिलीं ममता बनर्जी, सोनिया गांधी संग मुलाकात के सवाल पर पूछा- हर बार क्यों मिलें?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य में BSF के अधिकार क्षेत्र में विस्तार के मुद्दे को उठाते हुए इसे वापस लेने की मांग की।

Modi Mamata
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलीं ममता बनर्जी। Source- PMO Twitter

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य में BSF के अधिकार क्षेत्र में विस्तार के मुद्दे को उठाते हुए इसे वापस लेने की मांग की। TMC की मुखिया ने प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि किसी भी सूरत में देश के संघीय ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अगले साल पश्चिम बंगाल में होने वाले वैश्विक उद्योग सम्मेलन का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया।

वहीं जब उनसे सोनिया गांधी से मुलाकात का सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सभी पंजाब चुनावों में व्यस्त हैं, थोड़ा ठहरने के बाद वह फिर बोलीं कि यह जरूरी है क्या कि दिल्ली आकर उनसे हर बार मिलें। उन्होंने कहा कि इस बार मैंने मुलाकात के लिए सिर्फ प्रधानमंत्री का समय मांगा था। सभी नेता पंजाब के चुनाव में व्यस्त हैं। काम पहले है…हर बार हमें सोनिया गांधी से क्यो मिलना चाहिए? यह संवैधानिक रूप से बाध्यकारी थोड़े ही है? बताते चलें कि कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद और कांग्रेस की हरियाणा इकाई के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था।

वहीं जब उनसे उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष) को हमारी मदद की जरूरत होगी तो हम उन्हें मदद करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि तृणमूल कांग्रेस उत्तर प्रदेश में भाजपा को पराजित करने में मदद कर सकती है तो हम जाएंगे…यदि अखिलेश यादव हमारी मदद चाहते हैं तो हम मदद करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने गोवा और हरियाणा में शुरुआत की है…लेकिन मेरा मानना है कि कुछ स्थानों पर क्षेत्रीय दलों को लड़ना चाहिए। यदि वे चाहेंगे कि हम उनके लिए प्रचार करें तो हम करेंगे।’’

प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अगले साल पश्चिम बंगाल में होने वाले वैश्विक उद्योग सम्मेलन का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें यह भी कहा कि हमें 96,655 करोड़ रुपये केंद्र से मिलने हैं जो लंबित है। राज्य कैसे अपना काम करेंगे जब केंद्र उन्हें बकाया धनराशि नहीं देगा…हमारी विचारधाराएं अलग हो सकती हैं लेकिन इसकी वजह से केंद्र-राज्य संबंध प्रभावित नहीं होने चाहिए। राज्यों का विकास होगा तो केंद्र का भी विकास होगा।

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