दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड के सिलसिले में होटल ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ के सह-मालिक लवकेश बजाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बुधवार सुबह होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए। मामले में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में FIR दर्ज की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, होटल मालिक के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज कर लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था।

होटल में आग लगने की घटना को लेकर स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बुधवार को आरोप लगाया कि दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर देर से पहुंची। उन्होंने दावा किया कि अगर वे जल्दी आ गए होते तो कई जानें बचाई जा सकती थी। वहीं, दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने आरोपों को खारिज कर दिया।

मालवीय नगर: लोगों को बचाते समय 10 पुलिसकर्मी बीमार पड़ गए

वहीं, दूसरी ओर डीएफएस के एक अधिकारी ने आग लगने के बाद बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की देरी से इनकार किया। अधिकारी ने कहा, “हमें सुबह 8:50 बजे सूचना मिली और हमने तुरंत सात वाहन घटनास्थल पर भेजे। बचाव अभियान भी बिना किसी देरी के चलाया गया। दमकल विभाग की ओर से भी कोई देरी नहीं हुई।”

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अन्य लोगों को बचाते समय 10 पुलिसकर्मी बीमार पड़ गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “बिना एक पल भी सोचे, पुलिसकर्मियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। पीसीआर को सूचना मिलते ही हमारी टीमें मौके पर पहुंच गईं।” अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह हौज रानी स्थित होटल में आग लगने के बाद वहां से मेहमानों को निकालते समय मालवीय नगर थाने के कर्मियों को घने धुएं के संपर्क में आने के बाद एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि सभी की हालत स्थिर है और वे निगरानी में हैं।

अस्पताल में भर्ती पिता बच गए, लेकिन आग ने छीन लिए बेटे-बहू समेत परिवार के 8 सदस्य

मालवीय नगर हादसे में गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई। मैक्स में परिजन का इलाज कराने के लिए आए हुए ये सभी लोग होटल में नाश्ता करने गए थे। पूरी खबर पढ़ने के क्लिक करें