दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) में लगी भीषण आग में 21 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इस अग्निकांड के बाद सिर्फ हादसे की वजह ही नहीं बल्कि यह सवाल भी उठ रहा है कि ऐसे प्रतिष्ठानों की निगरानी और नियमन के लिए जिम्मेदार एजेंसियों ने अपनी भूमिका कितनी प्रभावी ढंग से निभाई।
दिल्ली में B&B योजना के तहत मुख्य रूप से तीन संस्थाओं की जिम्मेदारी तय की गई है- दिल्ली सरकार का पर्यटन विभाग, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS)। इनकी अलग-अलग भूमिकाएं हैं लेकिन किसी भी दुर्घटना की स्थिति में इनकी कामकाज का तरीका जांच के दायरे में आता है।
दिल्ली सरकार का पर्यटन विभाग: पंजीकरण और निगरानी की जिम्मेदारी
पर्यटन विभाग B&B और होमस्टे योजना का मुख्य नियामक (Regulator) होता है। किसी भी व्यक्ति को अपने घर या संपत्ति में पर्यटकों को ठहराने के लिए सबसे पहले इसी विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
मुख्य जिम्मेदारियां क्या-क्या हैं:
-B&B इकाइयों का पंजीकरण और लाइसेंस जारी करना
-Gold और Silver कैटिगिरी के आधार पर वर्गीकरण
-समय-समय पर निरीक्षण कर नियमों के पालन की जांच
-उल्लंघन पाए जाने पर पंजीकरण निलंबित या रद्द करना
-ऑथराइज्ड B&B की लिस्ट जारी रखना
हादसे के बाद यह भी जांच का विषय बनता है कि संबंधित B&B पंजीकृत था या नहीं और अगर था तो अंतिम निरीक्षण कब हुआ था तथा क्या सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की कमी पहले से दर्ज थी।
दिल्ली नगर निगम (MCD): भवन और निर्माण नियमों की निगरानी
MCD की जिम्मेदारी भवन से जुड़े सभी निर्माण और भूमि उपयोग नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना है।
मुख्य जिम्मेदारियां क्या-क्या हैं:
-भवन का नक्शा स्वीकृत है या नहीं, इसकी जांच
-अवैध निर्माण, अतिरिक्त मंजिल या बदलावों पर कार्रवाई
-संपत्ति कर और लैंड-यूज नियमों का पालन
-स्वच्छता और स्वास्थ्य मानकों की निगरानी
-आवासीय भवन के व्यावसायिक उपयोग पर नियंत्रण
अगर जांच में यह सामने आता है कि भवन में अवैध निर्माण, अवरुद्ध निकास मार्ग या अन्य संरचनात्मक खामियां थीं तो MCD की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ सकती है।
दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS): अग्नि सुरक्षा की मुख्य जिम्मेदारी
आग से सुरक्षा सुनिश्चित करना DFS का प्रमुख दायित्व है। हालांकि सभी छोटे B&B के लिए फायर NOC जरूरी नहीं होता लेकिन जहां नियम लागू होते हैं वहां सुरक्षा मानकों की जांच इसी विभाग द्वारा की जाती है।
मुख्य जिम्मेदारियां क्या-क्या हैं:
-फायर सेफ्टी मानकों का आकलन
-फायर NOC जारी करना (जहां लागू हो)
-फायर अलार्म, अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास की जांच
-नियमों के उल्लंघन पर नोटिस और कार्रवाई
-आग लगने पर राहत एवं बचाव कार्य
इस मामले में यह महत्वपूर्ण है कि भवन में अग्नि सुरक्षा उपाय मौजूद थे या नहीं और यदि थे तो क्या वे सक्रिय और मानक के अनुरूप थे।
दिल्ली पुलिस की भूमिका क्या रह जाती है?
जून 2025 में उपराज्यपाल के आदेश और गृह मंत्रालय की अधिसूचना के बाद दिल्ली में कई प्रतिष्ठानों (होटल, गेस्ट हाउस, B&B आदि) के लिए पुलिस लाइसेंस और NOC की व्यवस्था समाप्त कर दी गई। अब यह जिम्मेदारी स्थानीय निकायों और संबंधित विभागों को सौंप दी गई है।
इस बदलाव के बाद दिल्ली पुलिस अब लाइसेंसिंग अथॉरिटी नहीं है। उसका रोल मुख्यतः जांच (Investigation) तक सीमित है। वह यह देख सकती है कि नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं।
विदेशी मेहमानों के पंजीकरण (Form C) की जिम्मेदारी
नियमों के अनुसार, B&B में ठहरने वाले विदेशी नागरिकों की जानकारी 24 घंटे के भीतर FRRO को Form C के माध्यम से देना अनिवार्य होता है।
जांच के दौरान यह भी देखा जा सकता है कि संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा विदेशी मेहमानों का रिकॉर्ड सही तरीके से रखा गया या नहीं। वहीं Form C समय पर भरा गया या नहीं यह भी देखा जा सकता है।
मालवीय नगर B&B अग्निकांड केवल एक हादसा नहीं बल्कि प्रशासनिक निगरानी और नियमों के क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब जांच का केंद्र यही होगा कि पर्यटन विभाग, MCD और फायर सर्विसेज ने अपने-अपने स्तर पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने में कितनी प्रभावी भूमिका निभाई और कहां चूक हुई।
मालवीय नगर अग्निकांड का जिम्मेदार आखिर कौन?
यह कोई पहली घटना नहीं है। दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। हर दूसरे दिन आग लगने की खबरें जैसे अब आम बात हो चुकी है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले एक दशक का इतिहास गवाह है कि दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली फायर सर्विस (DFS) केवल लाशें गिनने और जांच कमेटियां बनाने का काम करती हैं। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) और आधिकारिक सांख्यिकीय रिपोर्टों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर पिछले वर्षों का भयावह लेखा-जोखा आपको हैरान कर सकता है।
