दिल्ली सरकार ने मालवीय नगर अग्निकांड में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। हौज रानी इलाके में स्थित ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में बुधवार को भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें से 12 विदेशी नागरिक हैं। साकेत स्थित मैक्स अस्पताल ने गुरुवार को बताया कि हौज रानी इलाके के एक होटल में लगी आग में घायल हुए 15 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं आर इनमें 13 विदेशी नागरिक हैं। इस सबके बीच अपने बेटे की सर्जरी के लिए इराक से दिल्ली आए एक विदेशी नागरिक अब मोर्चुरी के बाहर अपने रिश्तेदार की डेड बॉडी का इंतजार कर रहे हैं।
एम्स ट्रॉमा सेंटर के मुर्दाघर के बाहर खड़े 40 वर्षीय हबीब आबिद इराक में अपने एक रिश्तेदार से फोन पर बात करते हुए फूट-फूटकर रो रहे हैं। वह अपने बहनोई अली आमिर मूसा के शव का इंतजार कर रहे हैं जो बुधवार को दक्षिण दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में लगी आग में मारे गए 21 लोगों में शामिल थे। पिछले हफ्ते आबिद अपने 18 वर्षीय बेटे हैदर के साथ इराक से दिल्ली आए थे। उनका बेटा ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित है और परिवार ने साकेत के मैक्स अस्पताल में उसके लिए अपॉइंटमेंट का इंतजाम कर लिया था। अली आमिर भी उनके साथ आया था।
बेटे का इलाज कराने आए थे इराक के नागरिक
हबीब ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “अपने बेटे को भर्ती कराने के बाद हमने होटल की पांचवीं मंजिल पर एक कमरा बुक कराया था। बुधवार की सुबह, होटल में लोगों की चीख-पुकार सुनकर उनकी नींद खुली। जब पता चला कि आग लग गई है तब तक लपटें दूसरी मंजिल तक फैल चुकी थीं। बाहर मौजूद कुछ लोगों ने कमरे की खिड़की तोड़ दी और एक सीढ़ी लगा दी। मैं उसका इस्तेमाल करके नीचे उतर गया लेकिन अली धुएं से भरे कमरे से भागकर सीढ़ियों से नीचे चला गया।” हबीब ने कहा कि मेरा बेटा अभी भी मैक्स अस्पताल में सर्जरी करवा रहा है।
लाइबेरियाई की महिला ने आंटी को खोया
एम्स मुर्दाघर में 20 साल की लाइबेरियाई महिला मारिया ने बताया कि करीब एक हफ्ते पहले उसकी 61 वर्षीय आंटी, जैनजय रोलैंड का फोन आया था कि वह अपने पति के इलाज के लिए दिल्ली आ रही हैं। मारिया ने इस आग में अपनी आंटी को खो दिया। मारिया ने बताया, “मैं बहुत खुश थी। मैं दो साल पहले भारत में स्नातक की पढ़ाई करने के लिए लाइबेरिया छोड़कर आई थी। दो साल से ज़्यादा समय से मैंने अपने देश के किसी भी व्यक्ति को नहीं देखा था।”
मारिया ने आगे कहा, “वह पिछले हफ्ते आयीं थी और उन्होंने अपने पति को मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया था। मैं अभी तक उनसे नहीं मिली हूँ। मुझे नहीं पता कि अंकल को इस बारे में पता है या नहीं।”
वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साकेत स्थित मैक्स अस्पताल का बृहस्पतिवार को दौरा कर अग्निकांड में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनके परिवार के सदस्यों से बातचीत की। दिल्ली सीएमओ के एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि जिन मृतकों के परिजन अन्य राज्यों या विदेशों में रहते हैं, उनके पार्थिव शरीरों को सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तुरंत की जाएं। अग्निकांड से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स के लिए पढ़ें जनसत्ता.कॉम का लाइव ब्लॉग
