राज्यसभा में गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने न देने को लेकर विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संसद का मतलब लोकसभा और राज्यसभा- दो सदन होता है लेकिन लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है। वो देश के हित के बारे में बोलना चाहते थे।

राज्यसभा में लोकसभा की कार्यवाही चर्चा का विषय उठाए जाने पर बीजेपी के नेताओं ने आपत्ति जताई। राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता को यह पता होना चाहिए कि राज्यसभा में लोकसभा की कार्यवाही पर चर्चा नहीं की जा सकती।

जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार हर समय और हर तरीके से चर्चा के लिए तैयार है। लोकसभा में जो बातें हुई हैं, उसका जवाब हमारे सदन के नेता और संंसदीय दल के नेता और देश के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां पर जवाब देने के लिए बैठे रहें। लोकसभा को आपने चलने नहीं दिया। हम जहां तक राज्यसभा का सवाल है, आपने कहा इंडो-यूएस ट्रेड डील पर बयान दो, तुरंत पीयूष गोयल ने स्टेटमेंट दी

‘राहुल जब बोलते हैं तो बीजेपी को परेशानी होती है’

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम हाउस को डिस्टर्ब नहीं करना चाहते हैं। चार दिन से वो हाउस भी नहीं चल रहा, हमारा कहना ये है कि दोनों हाउस मिलने के बाद ही पार्लियमेंट बनता है। एक हाउस से संसद नहीं बनती, ये दोनों स्तंभ हैं। एक को पैरालाइज करके आप अपनी गलतियां छिपा रहे हैं, देश को धोखा दे रहे हैं। देश का अपमान कर रहे हैं, उसके बारे में जब राहुल गांधी बोलते हैं तो आपको परेशानी होती है।

‘मुश्किल दौर से गुजर रहा भारतीय लोकतंत्र’

लोकसभा में राहुल गांधी का भाषण न हो पाने को लेकर संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा, “भारत में संसदीय लोकतंत्र मुश्किल दौर से गुजर रहा है। विपक्षी नेताओं के माइक बंद कर दिए जाते हैं… यह ‘मन की बात’ वाली सरकार और ‘मन की बात’ वाली संसद बनती जा रही है…”

चिराग पासवान बोले- कुछ नेता अपने बयानों से सुर्खियों में रहना चाहते हैं

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “कुछ नेता ऐसे हैं जो अपने बयानों से सुर्खियों में रहना चाहते हैं और बांटने वाली राजनीति करते हैं। वहीं, पीएम मोदी के नेतृत्व वाला NDA ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर चल रहा है… जिस तरह से विपक्ष काम कर रहा है, सांसद महासचिव की कुर्सी पर खड़े होकर चेयर पर कागज फेंक रहे हैं… NDA संसदीय दल की बैठक में पीएम ने संसद में गरिमापूर्ण व्यवहार के बारे में बात की… यह दुख की बात है कि विपक्ष के नेता के अहंकार और ज़िद की वजह से पूरा विपक्ष खत्म होता जा रहा है।”

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