Assam Chunav 2026: असम विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीलांबाजार में एक जनसभा को संबोधित किया और वहां से बीजेपी-आरएसएस पर बड़ा हमला बोला। कांग्रेस अध्यक्ष ने BJP-RSS की तुलना जहरीले सांप से की। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों का कुरान का हवाला देकर कहा कि नमाज के दौरान अगर कोई जहरीला सांप दिख जाए तो नमाज बीच में छोड़कर सांप को मार देना चाहिए।
दरअसल, असम में एक चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी-आरएसएसदर की तुलना जहरीले सांप से करते हुए कहा,” मैं यहां देख रहा हूं, कि यहां मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में हैं, हिंदू लोग भी हैं।” उन्होंने कहा, “कुरान में लिखा है कि नमाज पढ़ते समय अगर कोई जहरीला सांप दिख जाए, तो उसे तुरंत मार देना चाहिए।”
जान बचाना मुश्किल होगा- खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “बीजेपी-आरएसएस वह जहरीला सांप है। अगर इन्हें नहीं मारा तो जान बचाना मुश्किल हो जाएगा।” चुनावी रैली में खड़गे के इस बयान पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि बीजेपी, कांग्रेस के खिलाफ काफी आक्रामक हो गई है। बीजेपी के तमाम दिग्गज नेता, प्रवक्ता और कार्यकर्ता खड़गे के इस बयान की आलोचना कर रहे हैं।
अमित शाह ने बताया ‘हार की हताशा’
वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की भी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने असम के ही पथरकंडी में एक चुनावी जनसभा के दौरान खड़गे को निशाने पर लिया और कहा, “खरगे जी कह रहे हैं कि बीजेपी और आरएसएस सांप हैं, और इन्हें मारना चाहिए। खरगे जी, आप स्टेज पर आइए और खुद देख लीजिए। यहां हजारों की तादाद में लोग खड़े हैं। लोग जमीन पर पूरे समर्पण से प्रचार कर रहे हैं. 9 अप्रैल को हमें राहुल बाबा को जवाब देना है। ऐसा जवाब देना है कि दूरबीन लगाकर भी कांग्रेस कहीं नजर न आए।
अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को कांग्रेस की हार की हताशा बताया और कहा, “पार्टी हार की हताशा में ऐसे जहरीले बयान दे रही है। असम की जनता इस बार कांग्रेस को सबक सिखाने वाली है।”
शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर बोला बड़ा हमला
खड़गे के इस बयान पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी तीखा हमला बोला। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस अब ‘इंडियन जिहादी कांग्रेस’ जैसी बन गई है। पूनावाला का कहना था कि खड़गे खुलेआम मुसलमानों को बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ भड़का रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “यह कांग्रेस का सबसे निचला स्तर है. यह सबसे अलोकतांत्रिक और इमरजेंसी वाली सोच है। शर्मनाक! चुनाव आयोग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
शहजाद पूनावाला ने बयान को हिंसा भड़काने वाला बताया और कहा कि ऐसे बयान देश की एकता को खतरे में डाल रहे हैं। बता दें कि यह सारा विवाद असम विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हुआ है, जहां 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान होना है।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जलकुबारी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। इस सीट को हिमंता का गढ़ कहा जाता है। हिमंता बिस्वा सरमा की जलकुबारी विधानसभा सीट के साथ छह विधानसभा सीटें सीमा साझा करती हैं। इन सीटों में तीन सीटें, पलासबाड़ी, हाजो-सुआलकुची और कमालपुर विधानससभाएं कामरूप जिले में आती हैं जबकि दो सीटें- दिसपुर और गुवाहाटी सेंट्रल- कामरूप जिले का हिस्सा हैं। इनके अलावा सिपाझार विधानसभा सीट दरांग जिले में आती है। पढ़िए पूरी खबर…
