कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि सभी वर्गों के लोग मोदी सरकार से बहुत नाराज हैं क्योंकि वे जानते हैं कि सरकार गरीबों की समस्याओं का समाधान करने में असमर्थ है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि पिछले 12 वर्षों में कच्चे तेल की कीमतें गिरने पर लोगों को राहत क्यों नहीं दी गई? पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “यह मोदी जी की चाल है। गरीबों को धीरे-धीरे जहर देकर मारने की। वे हमेशा कीमतें थोड़ी-थोड़ी बढ़ाते रहते हैं लेकिन जब एक हफ्ते में ही कीमतें 10-12 रुपये बढ़ जाती हैं तो इससे पता चलता है कि मोदी जी इन मुद्दों पर ध्यान नहीं देना चाहते और इसके बजाय देश को बर्बादी की ओर धकेल रहे हैं।”
खड़गे ने आगे कहा, “वह कहते रहते हैं कि वह देश के लिए सब कुछ कर रहे हैं, त्याग कर रहे हैं और जनता के लिए काम कर रहे हैं लेकिन यहां के लोग परेशान हैं। अगर महंगाई इसी तरह बढ़ती रही, बेरोजगारी बढ़ती रही, कारखाने बंद होते रहे और लघु एवं मध्यम उद्यम बंद होने पर मजबूर होते रहे तो फिर क्या होगा?”
सभी वर्गों के लोग इस सरकार से बहुत नाराज- कांग्रेस अध्यक्ष
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सभी वर्गों के लोग इस सरकार से बहुत नाराज हैं और जानते हैं कि यह सरकार गरीबों की समस्याओं को हल करने में असमर्थ है। उन्होंने कहा, “पेपर लीक होने की समस्या बढ़ गई है। वह इन मुद्दों पर ध्यान क्यों नहीं देते? क्या उन्हें देश चलाना है या दुनिया के सभी देशों में पर्यटक बनकर घूमना है?”
तेल की कीमतों को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “PIB के अधिकृत बयान के अनुसार, आज से ठीक 12 साल पहले 26 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभाली थी, उस दिन भारतीय बास्केट का कच्चा तेल $108.05 प्रति बैरल था और डॉलर-रुपया exchange rate 58.59 रुपए थी। उस समय पेट्रोल ₹71.51 और डीज़ल ₹56.71 प्रति लीटर मिल रहा था।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे लिखा, “आज कच्चे तेल की कीमत 99 डॉलर प्रति बैरल से कम है लेकिन पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़कर क्रमशः ₹102.12 और ₹95.20 प्रति लीटर हो गए हैं। यानी कच्चा तेल सस्ता हुआ लेकिन पेट्रोल करीब 42.8 % और डीज़ल करीब 67.9 % महंगा हो गया। हर अर्थशास्त्री जानता है कि पेट्रोल-डीज़ल की महंगाई का असर हर क्षेत्र पर पड़ता है। परिवहन से लेकर खाद्य वस्तुओं तक आम आदमी पर महंगाई की मार बढ़ती है। इसके बावजूद सरकार की मुनाफ़ाख़ोरी जारी है। सवाल सीधा है कि जब कच्चा तेल सस्ता हुआ तो पेट्रोल-डीज़ल महंगा क्यों? जनता को राहत क्यों नहीं?”
इससे पहले कांग्रेस ने सोमवार को ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ‘महंगाई मानव’ ने फिर से अपना कहर बरपाया है और उनका एकमात्र काम चुनाव के दौरान वादे करना और अन्य समय में लोगों की जेब पर हमला करना है।
कांग्रेस का राष्ट्रीय अभियान: दलित-मुस्लिम वोट बैंक पर राहुल गांधी का फोकस
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