Malda Violence News: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA को बड़ा आदेश दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक अप्रैल 2026 को एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कार्यरत न्यायिक अधिकारियों का घेराव और हिंसा के मामले की जांच 2 महीने के अंदर पूरी करने का आदेश दिया।

मालदा में 7 न्यायिक अधिकारियों को भीड़ ने 9 घंटे तक बंधक बनाकर कर रखा था, जिन्हें सुरक्षित निकलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को रात में कई बार बंगाल के अधिकारियों को फोन तक करना पड़ा था। इस दौरान काफी हिंसा भी हुई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछी जांच की स्थिति

दरअसल, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि एनआईए को जांच पूरी करने के बाद सक्षम न्यायालय में अपनी रिपोर्ट दाखिल करनी चाहिए। पीठ ने पूछा, “जांच की क्या स्थिति है? क्या यह पूरी हो चुकी है?” इस मामले में NIA की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि वे विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करेंगे।

कानून अपना काम करेगा-CJI

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हालांकि, हमारा मानना ​​है कि एनआईए को जल्द से जल्द, अधिमानतः दो महीने के भीतर, जांच पूरी करने दी जानी चाहिए।” उन्होंने कहा, “आप अपना आरोप पत्र दाखिल करें। कानून अपना काम करेगा।ठ

बता दें कि 24 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच पूरी होने पर एनआईए को आरोपपत्र दाखिल करने को कहा था। बता दें कि ये वहीं न्यायिक अधिकारी हैं, जो कि मतदाता सूची से बाहर किए गए 60 लाख से अधिक लोगों की आपत्तियों पर विचार करने के लिए कार्यरत थे। गौरतलब है कि इस मामले में 8 मई को NIA ने टीएमसी सरियुल शेख और युसुफ शेख को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें इस हिंसा का मास्टरमाइंड भी बताया गया।

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