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NGT ने मांगी धूल प्रदूषण फैलाने वाले बिल्डरों की सूची

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने 2,000 वर्ग फुट से अधिक के क्षेत्र में निर्माण कार्य करने वाले बिल्डरों और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कदम उठाते हुए स्थानीय निकायों और दिल्ली-एनसीआर में लोक प्राधिकरणों को ऐसे उल्लंघनकर्ताओं की एक सूची देने का निर्देश दिया है।

Author नई दिल्ली | April 8, 2016 2:18 AM
राष्ट्रीय हरित अधिकरण

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने 2,000 वर्ग फुट से अधिक के क्षेत्र में निर्माण कार्य करने वाले बिल्डरों और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कदम उठाते हुए स्थानीय निकायों और दिल्ली-एनसीआर में लोक प्राधिकरणों को ऐसे उल्लंघनकर्ताओं की एक सूची देने का निर्देश दिया है।

हरित अधिकरण ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार के नगर निगमों को धूल कण के उड़ने से पैदा होने वाले वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए उनके उठाए गए कदमों पर संपूर्ण स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। वायु प्रदूषण से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश आया है। इस मामले में अधिकरण ने पिछले साल विभिन्न लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि प्रदूषण पैदा करने को लेकर उनके खिलाफ 50,000 रुपए का पर्यावरण मुआवजा क्यों न लगाया जाए।

नोटिस जारी करते हुए एनजीटी ने संबद्ध अधिकारियों को उनकी मौजूदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। सौ से भी अधिक नोटिस के अधिकरण में आने और अदालत के खचाखच भर जाने पर एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार ने रजिस्ट्रार को उनसे निपटने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा, ‘2000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में ढांचे का निर्माण कर रहे और जिन्होंने आदेशों का उल्लंघन किया है, ऐसे सभी बिल्डरों की सूची दी जाए’। न्यायमूर्ति कुमार की अध्यक्षता वाले पीठ ने यह भी कहा कि सूची में इस बात का भी विवरण हो कि क्या ऐसे बिल्डरों को अधिकरण के आदेशों के सिलसिले में पर्यावरण मुआवजा अदा करने का निर्देश दिया गया है या नहीं। अगर नहीं दिया गया तो उसके कारण का उल्लेख करने का निर्देश दिया गया है।

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