एफबीआई ने सोमवार को घोषणा की कि हत्या, जबरन वसूली और ड्रग्स की तस्करी के मामलों में वांछित और 2023 में कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भूमिका निभाने वाले भगोड़े गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को अब एफबीआई की 10 सबसे वांछित भगोड़ों की लिस्ट में शामिल कर लिया गया है। एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए उस पर रखे गए इनाम को 50000 डॉलर से बढ़ाकर 10 लाख डॉलर (लगभग 9.58 करोड़ रुपये) कर दिया है।

एफबीआई लॉस एंजिल्स फील्ड ऑफिस के असिस्टेंट डायरेक्टर इन चार्ज पैट्रिक ग्रांडी ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “फरमान आरोपी सतिंदरजीत सिंह (जिसे गोल्डी बराड़ नाम से भी जाना जाता है) को 28 सितंबर को एफबीआई की दस सबसे वांछित भगोड़ों की कुख्यात सूची में शामिल किया जा रहा है।”

अधिकारी ने बताया कि बराड़ लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध समूह में कथित संलिप्तता के लिए वांछित है, जो दक्षिणी कैलिफोर्निया और पूरे अमेरिका और कनाडा में कई हिंसक गतिविधियों में शामिल है। उन्होंने आगे बताया कि सिंह अमेरिका में रहता है और उत्तरी अमेरिका में समूह का कथित नेता है। वह पहले एफबीआई की ‘मोस्ट वांटेड’ लिस्ट में था।

ट्रूडो ने भारतीय सरकारी एजेंटों की संलिप्तता का आरोप लगाया था

लगभग तीन साल पहले कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों की संलिप्तता का आरोप लगाया था। इसके चलते दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध ठप्प हो गए थे। इसके बाद, इस साल जुलाई में अमेरिका ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया। बाद में, कनाडाई पुलिस ने कहा कि हत्या में भारत की किसी भी आधिकारिक संलिप्तता का कोई सबूत नहीं है।

यह कदम अंतरराष्ट्रीय अपराधों में शामिल तीन आपराधिक गिरोहों के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले ऑपरेशन के तहत उठाया गया। इसमें बिश्नोई का गिरोह भी शामिल है, बिश्नोई अभी गुजरात की जेल में बंद है। 7 जुलाई, 2026 को अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने ऑपरेशन हार्डबॉल के परिणाम घोषित किए और तीन अभियोगों को सार्वजनिक किया। इनमें भारत स्थित तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों से जुड़े 37 लोगों पर आरोप लगाए गए थे।

आरसीएमपी निज्जर मामले की जांच कर रही

रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने कहा, “गोल्डी बराड़ और उसके नेटवर्क ने हाई-प्रोफाइल हत्याओं, गोलीबारी, जान से मारने की धमकियों, जबरन वसूली, आगजनी और ड्रग तस्करी के जरिये अनगिनत लोगों की जिंदगी बर्बाद कर दी है।” आरसीएमपी निज्जर मामले की जांच कर रही है।

जांचकर्ताओं के अनुसार, पंजाब के 33 वर्षीय बिश्नोई ने अपराध की राह पर चलने से पहले खुद को विश्वविद्यालय का छात्र नेता बताया था। सितंबर 2025 में कनाडाई सरकार ने बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया था।

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हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक ऑडियो क्लिप के अनुसार, भगोड़े गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की 2023 में हुई हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। निज्जर की हत्या के बाद कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा था कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित संलिप्तता’ की जांच कर रही हैं। भारत ने हालांकि इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में तनाव काफी बढ़ गया था। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…