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सुंजवान हमला: सर्जरी के तुरंत बाद मोर्चे पर लौटना चाहता था घायल जांबाज, होश आते ही पूछा- आतंकियों का क्या हुआ?

सुंजवान आतंकी हमले में घायल मेजर अभीजित का उधमपुर के सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है। सर्जरी के तुरंत बाद उन्होंने आतंकियों के बारे में पूछताछ शुरू कर दी और मोर्चे पर जाने की इच्छा जताई।

सुंजवान हमले में घायल मेजर अभीजित। (फोटो सोर्स: एएनआई)

सुंजवान हमले में आतंकियों से लोहा लेने वाले मेजर अभीजित बुरी तरह घायल हो गए थे। उन्हें उधमपुर के कमांड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। होश में आने पर मेजर ने सबसे पहले आतंकियों के बारे में पूछा। कमांड हॉस्पिटल के कमांडेंट मेजर जनरल नदीप नैथानी ने कहा, ‘अभीजित का मनोबल बहुत ऊंचा है। सर्जरी के बाद होश में आते ही उन्होंने पूछा आतंकियों का क्या हुआ? वह मोर्चे पर जाने के लिए भी तत्पर थे। उनकी स्थिति अब बेहतर है।’ वहीं, मेजर अभीजित ने कहा, ‘मैं अब काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैं डॉक्टरों से बात कर सकता हूं और खुद से बैठ भी सकता हूं। मैंने आज (13 फरवरी) दो बार चहलकदमी भी की। पिछले 3-4 दिनों में क्या हुआ है, उसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता।’ लोगों ने मेजर अभीजित के इस साहस को सलाम किया है। कृपा सिंधू नायक ने ट्वीट किया, ‘मैँ भारतीय सेना को सैल्यूट करता हूं।’ रमेश कुमार ने लिखा, ‘मैं आफिसर को सैल्यूट करता हूं। भारतीय सेना दुनिया में सबसे बेहतरीन है। जवान भारत माता की रक्षा करने के लिए ही पैदा होते हैं।’

आतंकियों ने शनिवार को जम्मू के सुंजवान में स्थित सैन्य शिविर पर हमला कर दिया था। इसमें पांच जवान शहीद हो गए थे। शुरुआत में चार आतंकियों के मारे जाने की बात कही गई थी, लेकिन रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने सिर्फ तीन दहशतगर्दों के मारे जाने की पुष्टि की थी। एक आम नागरिक भी मारा गया था। इसमें छह महिलाएं समेत दस लोग घायल हो गए थे। सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत खुद आतंकरोधी अभियान का जायजा लेने के लिए धटनस्थल पर पहुंच गए थे। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (12 फरवरी) को जम्मू का दौरा किया था। घायल जवानों का हालचाल जानने के अलावा उन्होंने मीडिया को भी संबोधित किया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा था कि पड़ोसी देश को हमले की कीमत चुकानी पड़ेगी। रक्षा मंत्री ने हमले को लेकर पाकिस्तान को सुबूत सौंपने की भी बात कही थी। सुंजवान आतंकी हमले की जांच की जिम्मेदारी एनआईए को सौंपी गई है। भारतीय एजेंसियों ने इसके पीछे जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन का हाथ होने की बात कही है। आतंकियों ने श्रीनगर में भी सीआरपीएफ के एक शिविर पर हमला कर दिया था।

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