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‘डिस्ट्रिक लेवल पर लड़ें कोरोना से लड़ाई, PMO में बैठकर नहीं’, राहुल गांधी का मोदी पर तंज

राहुल गांधी ने यह बातें वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए संवाददाताओं से कहीं। उन्होंने कहा, ''हमें छोटे कारोबारों, मजदूरों की मदद करनी होगी। लोगों की नौकरियां जा रही हैं। अगर हम अभी मदद नहीं करते हैं तो (बेरोजगारी की) सुनामी आ जाएगी।''

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों से बातचीत करते राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लॉकडाउन से बाहर निकलने के लिए रणनीति बनाने की मांग करते हुए शुक्रवार को कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए लोगों के बीच से इस वायरस से जुड़ा डर का माहौल खत्म करना होगा। उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा, सिर्फ पीएमओ में बैठकर इस लड़ाई से नहीं लड़ा जा सकता है। इस जंग को ‘डिस्ट्रिक लेवल पर जाकर ही सुलझाया जा सकता है।

राहुल ने आगे कहा कि सरकार के कदमों में पारर्दिशता होनी चाहिए और सरकार छोटे कारोबारों की तत्काल मदद करे और गरीबों एवं मजदूरों के खातों में 7500 रुपये डाले। गांधी ने यह बातें वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए संवाददाताओं से कहीं।

उन्होंने कहा,  ”हमें छोटे कारोबारों, मजदूरों की मदद करनी होगी। लोगों की नौकरियां जा रही हैं। अगर हम अभी मदद नहीं करते हैं तो (बेरोजगारी की) सुनामी आ जाएगी।” उन्होंने कहा कि सरकार जो कदम उठाए उसमें पारर्दिशता होनी चाहिए।

गांधी ने कहा, ”अगर हमें लॉकडाउन से बाहर निकलना है तो हमें डर खत्म करना होगा। यह बताना होगा कि कोविड 99 प्रतिशत लोगों के लिए खतरनाक नहीं हैं। जिन एक फीसदी लोगों के लिए यह खतरनाक है उनकी हमें सुरक्षा करनी होगी।”

उन्होंने कहा, ”अगर इस लड़ाई को हम पीएमओ में रखेंगे तो यह लड़ाई हारी जाएगी। प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्रियों पर और मुख्यमंत्रियों को जिला अधिकारियों पर विश्वास करना होगा।” गांधी के मुताबिक कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा कि इस संकट से लड़ने के लिए विकेंद्रीकरण की जरूरत है।

पत्रकारों से बातचीत के अलावा राहुल ने अपने ट्वीटर पर भी सरकार के खिलाफ एक पोस्ट भी लिखा। उन्होंने लिखा, मालगाड़ी से कुचले जाने से मजदूर भाई-बहनों के मारे जाने की ख़बर से स्तब्ध हूं। हमें अपने राष्ट्र निर्माणकर्ताओं के साथ किये जा रहे व्यवहार पर शर्म आनी चाहिए। मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

वहीं दूसरी ओर हीं मुंबई से कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने अप्रत्यक्ष तौर पर महाराष्ट्र सरकार और केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। संजय निरुपम ने लिखा- ‘सुबह साढ़े छह बजे के हादसे का यह भयावह दृश्य. 17 प्रवासी मजदूरों को एक मालगाड़ी ने कुचल दिया. चलते-चलते थक कर आराम कर रहे थे. औरंगाबाद और जालना के बीच ये हादस हुआ। जब गरीब मजदूर सरकारों के बीच फुटबॉल बन गए हैं, तब ऐसे हादसे कोई रोक नहीं सकता…अभी भी समय है।’

भाषा के इनपुट के साथ।

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