पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कृष्णानगर की एक अदालत ने कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ बयानों से जुड़े मामले में बुधवार को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। अदालत ने यह कदम बार-बार समन जारी होने के बावजूद महुआ मोइत्रा के व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होने पर उठाया है।

एडवोकेट शिरशेंदु दास के मुताबिक, 12 जून को महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय सेना और जवानों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसके अलावा महिलाओं के तुलसी माला, बुर्का और हिजाब पहनने को लेकर उनके कथित बयानों पर भी विवाद हुआ था। इन टिप्पणियों के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रदर्शन किया था।

17 जून को दर्ज हुई थी शिकायत

इस मामले में कृष्णानगर निवासी चयन नंदी ने 17 जून को कृष्णानगर सीजेएम जिला एवं सत्र न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में महुआ मोइत्रा के खिलाफ महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने, विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने, आपराधिक धमकी और कथित हेट स्पीच से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी।

कई समन के बाद भी अदालत में नहीं पहुंचीं महुआ

शिकायत के बाद अदालत ने महुआ मोइत्रा को कई बार समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। हालांकि, वह किसी भी तारीख पर अदालत में उपस्थित नहीं हुईं। बुधवार को भी अदालत ने उन्हें पेश होने का मौका दिया था और शाम 5 बजे तक उपस्थित होने के लिए समय दिया गया था, लेकिन वह अदालत नहीं पहुंचीं।

विरोध और नारेबाजी की आशंका का दिया हवाला

महुआ मोइत्रा के वकील ने अदालत को बताया कि सांसद को अदालत परिसर के बाहर संभावित विरोध और नारेबाजी की आशंका है। इसी वजह से वह व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश नहीं होंगी। हालांकि, अदालत ने लगातार गैरहाजिरी को गंभीरता से लिया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला किया।

कोर्ट ने कहा- आदेशों की लगातार अवहेलना

कृष्णानगर अदालत के तीसरे न्यायिक मजिस्ट्रेट दिब्येंदु दास ने अपने आदेश में कहा कि अदालत के निर्देशों की लगातार अवहेलना से आरोपी का अदालत के आदेशों का पालन करने के प्रति लापरवाह रवैया दिखाई देता है। अदालत ने कहा कि बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद पेश नहीं होने के कारण गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अलावा उसके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था।

28 अगस्त तक पुलिस को देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट

अदालत ने गिरफ्तारी वारंट पर कार्रवाई की रिपोर्ट 28 अगस्त तक पेश करने का निर्देश दिया है। अब मामले में अगली अहम कार्रवाई पुलिस की ओर से वारंट के अनुपालन और उसकी रिपोर्ट अदालत में दाखिल किए जाने को लेकर होगी।

BNS समेत कई प्रावधानों के तहत शिकायत

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शिकायत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत दर्ज की गई है। शिकायत में महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने, समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने, आपराधिक धमकी और कथित हेट स्पीच से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

सर्किट हाउस विवाद के बाद फिर बढ़ी मुश्किलें

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब महुआ मोइत्रा हाल ही में नदिया के ही एक अन्य मामले में अदालत के निर्देश पर होगलबेरिया थाने में पेश हुई थीं। इसके बाद वह कृष्णानगर सर्किट हाउस में रुकी थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि रात में वहां उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और प्रशासन ने उन्हें रात में सर्किट हाउस छोड़ने के लिए कहा।

सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दी थी सफाई

सर्किट हाउस की घटना को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी कर पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने बाद में लोकसभा अध्यक्ष को भी पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी थी।

अब नए मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस की कार्रवाई और कृष्णानगर अदालत में 28 अगस्त को पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।

यह भी पढ़ें: ‘चुनाव आते ही AAP नेताओं को जेल भेजती है BJP’, सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर केजरीवाल-मान ने लगाया साजिश का आरोप

सत्येंद्र जैन को मंगलवार को दिल्ली में करोड़ों रुपये के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर घोटाले से जुड़े मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने पांच अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।