महाराष्ट्र में 10 रुपए में खाना और नौकरियों में स्थानीय लोगों को मिलेगी तरजीह, उद्धव सरकार सबसे पहले करेगी ये काम

सीएमपी में यह भी वादा किया गया है कि सरकार किसानों के लोन माफ करने और मुंबई में गरीबों के लिए बड़ा मकान देने का काम भी करेगी।

मुंबईतस्वीर में बाएं से दाएं शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे, एनसीपी चीफ शरद पवार, कांग्रेस चीफ सोनिया गांधी।

महाराष्ट्र में तीन दलों का गठबंधन महाराष्ट्र विकास अगाड़ी (MVA) ने गुरुवार को सेक्युलर और समावेशी सरकार बनाने का वादा करते हुए पांच साल का एजेंडा जारी किया। इसमें निजी क्षेत्र की 80 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों को दिलाए जाने की बात कही गई है। साथ ही 10 रुपए में भोजन भी मिलेगा। अपनी चुनावी घोषणा में शिवसेना ने इस बात को प्रमुखता से रखा था।

मेट्रो रेल योजना वापस लेने पर भी विचार : सीएम के रूप में उद्धव ठाकरे के शपथ लेने के कुछ घंटे पहले ही न्यूनतम साझा कार्यक्रम (CMP) में महाराष्ट्र विकास अगाड़ी ने यह भी कहा कि मुंबई के आरे मिल कॉलोनी में हजारों पेड़ काटने पर बवाल के बाद अब मेट्रो रेल की योजना वापस लेने पर भी सरकार विचार करेगी।अगाड़ी के वादों मे लिखा है, “गठबंधन के सहयोगी संविधान के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध रहेंगे।” इसे तीनों दलों में काफी विचार के बाद तैयार किया है।

धर्म, जाति और भाषा पर भेदभाव नहीं  : इसमें कहा गया है कि सरकार धर्म, जाति और भाषा को लेकर कोई भेदभाव नहीं करेगी। यह शिवसेना की उस पहचान और उद्देश्यों से अलग है, जिसके लिए यह पार्टी कट्टर हिंदूवादी दल के रूप में जानी जाती थी। सीएमपी में यह भी वादा किया गया है कि सरकार किसानों के लोन माफ करने और मुंबई में गरीबों के लिए बड़ा मकान देने का काम भी करेगी।

Hindi News Today, 29 November 2019 LIVE Updates: देश-दुनिया की हर खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक

शिवसेना ने पार्टी का स्टैंड भी रखा : यह एजेंडा शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे, एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने जारी किया। इस मौके पर एनसीपी के प्रवक्ता नवाब मलिक भी मौजूद रहे। शिंदे ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने पहले ही हिंदुत्व पर पार्टी का स्टैंड पहले ही साफ कर दिया है कि सेक्युलर का मतलब सभी लोगों को अपनी मान्यताओं को मानने की छूट होगी।

हर तालुका में खुलेगी क्लिनिक : सीएमपी में कहा गया है कि सरकार निजी क्षेत्र की नौकरियों में 80 फीसदी जगह स्थानीय लोगों के लिए रिजर्व करने के लिए कानून बनाएगी। शिंदे ने कहा, “जो व्यक्ति 15 साल से यहां रह रहा है और उसके पास डोमिसाइल सर्टिफिकेट है, उसे प्राथमिकता जी जाएगी।” सीएमपी में यह भी कहा गया है कि हर तालुका में एक रुपया वाली क्लिनिक होगी, हर नागरिक का स्वास्थ्य बीमा होगा और समाज के गरीब वर्ग की महिलाओं को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी

Next Stories
1 महाराष्ट्र अघाड़ी के खिलाफ SC ने खारिज की याचिका, जज बोले- हमसे न करें उम्मीद, राजनीतिक दल अपने वादे खुद लागू करें
2 PM मोदी के भाई प्रहलाद मोदी सरकार के खिलाफ देंगे धरना, PDS में अनियमितता दूर करने और भूख मुक्त भारत की मांग
3 पश्चिम बंगाल में भगवा झंडा लहराने के मंसूबे पर फिर सकता है पानी, छह महीने में बीजेपी को 23% वोट का नुकसान!
ये पढ़ा क्या?
X