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बागी जो करना चाहते हैं करें, लेकिन बालासाहेब का नाम नहीं कर सकते इस्तेमाल- उद्धव ने शिंदे गुट को चेताया, चुनौती भी दे दी

महाराष्ट्र में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने पार्टी के बागी विधायकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और खारघर में पार्टी कार्यालय के बाहर पुतला फूंका।

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Express file photo)

महाराष्ट्र में सियासी संग्राम के बीच शनिवार को कई जगहों पर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बागी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच मुंबई में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। वहीं शिवसेना के बागी विधायकों को लेकर महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वे (बागी विधायक) जो चाहें कर सकते हैं। उनके मामलों में मैं दखल नहीं दूंगा। उन्हें अपना फैसला खुद लेना है।

सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि कुछ लोग मुझसे बागी विधायकों के लिए कुछ कहने के लिए कह रहे हैं लेकिन मैं पहले ही कह चुका हूं कि वे (बागी विधायक) जो करना चाहते हैं कर सकते हैं, मैं उनके मामलों में दखल नहीं दूंगा। वे अपना फैसला खुद ले सकते हैं, लेकिन किसी को भी बालासाहेब ठाकरे के नाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

उद्धव ने गुवाहाटी में मौजूद बागी विधायकों को चुनौती देते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे के नाम के बिना वोट मांग कर दिखाएं। उन्होंने कहा कि शिवसेना बालासाहेब ठाकरे की थी और उन्हीं की हमेशा रहेगी।

संजय राउत ने बताया कि उद्धव ठाकरे ने कहा है कि जो लोग छोड़कर गए हैं, वे शिवसेना के नाम से वोट मत मांगे और अगर वोट मांगते हैं तो अपने खुद के बाप के नाम पर मांगे। शिवसेना के बाप बालासाहेब ठाकरे के नाम पर वोट मत मांगे।

शिंदे गुट की बढ़ सकती है मुसीबतें: महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने असम में गुवाहाटी के एक होटल में रह रहे एकनाथ शिंदे खेमे के 16 बागी शिवसेना विधायकों की अयोग्यता को लेकर नोटिस जारी किया।

गौरतलब है कि शिवसेना के बागी विधायकों ने एकनाथ शिंदे की अगुवाई में अपने गुट के नाम का “शिवसेना बालासाहेब” रखने का फैसला किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई को जानकारी देते हुए शिवसेना के बागी विधायक दीपक केसरकर ने बताया कि एकनाथ शिंदे कैंप के विधायकों ने अपने गुट का नाम बालासाहेब के नाम पर रखा है।

वहीं कांग्रेस महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए है। राज्य के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने एकनाथ शिंदे गुट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि स्पीकर से जब तक कानूनी अनुमति नहीं देते, तब तक इस तरह के समूहों को अधिकृत नहीं माना जाएगा।

दरअसल एक तरफ जहां बागी विधायकों ने अपने गुट का नाम शिवसेना बालासाहेब के नाम पर रखने का फैसला किया है तो वहीं शिवसेना ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर बालासाहेब के नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने की अपील की है।

संजय राउत का आग लगाने वाला बयान: शनिवार की सुबह शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था कि अभी शिवसैनिक सड़कों पर नहीं उतरे हैं, अगर ऐसा हुआ तो आग लग जाएगी। संजय राउत ने कहा कि सांगली से हमारे कार्यकर्ता हमारे पास आए और पूछा कि हमें आगे क्या करना है?

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