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शिवसेना छोड़ेगी NDA, मोदी सरकार से इस्तीफे का ऐलान कर BJP पर भड़के अरविंद सावंत- हमारा पक्ष सच्चा, झूठ के माहौल में नहीं रह सकते

अरविंद सावंत ने अपने ट्वीट में लिखा, 'शिवसेना का पक्ष सच्चाई का है। मैं दिल्ली की सरकार के बीच झूठ के माहौल में कैसे रह सकता हूं? इसीलिए मैं केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार हूं।'

Author मुंबई | Updated: November 11, 2019 8:33 AM
शिवसेना नेता अरविंद सावंत, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

Maharashtra Government Formation, Shiv Sena Vs BJP: महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना की जिद के चलते बहुमत के बावजूद एनडीए सरकार नहीं बना पाई। इसके बाद शिवसेना के एनसीपी-कांग्रेस (NCP-Congress) के साथ मिलकर सरकार बनाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (Sharad Pawar) की शर्त पर शिवसेना ने एनडीए (NDA) से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया है। शिवसेना के कोटे से केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री बने अरविंद सावंत (Union Heavy Industry Minister Arvind Sawant) ने सोमवार (11 नवंबर) को इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया।

‘शिवसेना का पक्ष सच्चाई का’: मोदी सरकार में भारी उद्योग मंत्री बनाए गए अरविंद सावंत इस मसले पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। इससे पहले उन्होंने ट्विटर के जरिये बीजेपी को निशाने पर लिया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘शिवसेना का पक्ष सच्चाई का है। मैं दिल्ली की सरकार के बीच झूठ के माहौल में कैसे रह सकता हूं? इसीलिए मैं केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार हूं। इस संदर्भ में आज 11 बजे में दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करूंगा।’

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पहले भी होती रही है तकरारः यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना ने बीजेपी को आंखें दिखाई है। इससे पहले भी चुनाव के पहले और बाद में शिवसेना, बीजेपी को कड़वे घूंट पिलाती रही है। दोनों दलों ने 2014 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और बीएमसी चुनाव भी अलग-अलग लड़े थे। हालांकि दोनों ने एक-दूसरे को सरकार गठन के लिए जरूरी समर्थन दिया था। इसके बाद विधानसभा में बीजेपी और बीएमसी में शिवसेना ‘सुप्रीम’ बनी थी।

अब ऐसा है राज्य का सियासी समीकरणः बीजेपी ने 105 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करने का फैसला लिया है। इसके बाद अब 56 सीटों वाली दूसरी बड़ी पार्टी शिवसेना राज्यपाल से मिलेगी। शिवसेना को एनसीपी (54) और कांग्रेस (44) का समर्थन मिलना लगभग तय है। ऐसे में ये तीनों मिलकर सरकार बना सकते हैं।

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