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‘अटेंडेंस के नाम पर एनसीपी विधायकों के लिए हस्ताक्षर का किया गलत इस्तेमाल’, नवाब मलिक ने लगाए गंभीर आरोप

एनसीपी नेता नवाब मलिक का कहना है कि उनकी पार्टी ने विधायकों की उपस्थिति के लिए हस्ताक्षर कराए थे, जिसका शपथ के दौरान दुरुपयोग किया गया।

एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने कहा कि विधायकों के अटेंडेंस वाले हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया। (फोटो क्रेडिट/ ANI Twitter handle)

महाराष्ट्र में अजीत पवार पर एनसीपी नेता नवाब मलिक ने गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी पार्टी के विधायकों के हस्ताक्षर हाजिरी के दौरान लिए गए थे, जिसका दुरुपयोग किया गया है। मुंबई में मीडिया से बातचीत में मलिक ने कहा, “हमने उपस्थिति के लिए विधायकों से हस्ताक्षर कराए थे। शपथ के लिए इसका गलत इस्तेमाल किया गया।” इस दौरान मलिक ने अप्रत्यक्ष रूप से शरद पवार के भतीजे और फडणवीस के साथ डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने वाले अजीत पवार पर हमला बोला। गौरतलब है कि शनिवार सुबह बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए बतौर मुख्यमंत्री राजभवन में शपथ ली।

राजनीतिक उठा-पटक के बीच आखिरी मौके पर बाजी पलटते हुए प्रदेश में 105 सीटों वाली बीजेपी ने एनसीपी के साथ गठबंधन किया। गौरतलब है कि एनसीपी के पास 54 सीटें हैं। हालांकि, इसके कुछ देर बाद शिवसेना के साथ एक साझा प्रेस-कॉन्फ्रेंस में पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि बीजेपी को समर्थन देने का फैसला अजीत पवार का था, न कि उनका। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के विधायक बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे।

गौरतलब है कि यह राजनीतिक घटनाक्रम उस वक्त सामने उभरकर आया जब कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के बीच शुक्रवार को राज्य में सरकार गठन को लेकर विचार-विमर्श फाइन हो गया। इससे पहले, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने दावा किया था कि गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पर आम सहमति बन चुकी है। 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए शिवसेना के पास 56 सीटें हैं, जबकि कांग्रेस पास 44 सीटें हैं।

चुनाव से पहले बीजेपी और शिवसेना ने एक साथ चुनाव लड़ा था। लेकिन, चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना ने अपना दावा पेश कर दिया। जब बीजेपी इस शर्त के आगे नहीं झुकी, तब शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस से बातचीत शुरू की। इस दौरान कई सारे ट्विस्ट भी देखने को मिले। शुरू में खबर आई कि शिवसेना के साथ कांग्रेस सरकार नहीं बनाना चाहती। लेकिन, बाद राज्य इकाई के विधायकों की मंशा को देखते हुए शिवसेना-एनसीपी की सरकार को बाहर से समर्थन देने की बात कही। लेकिन मीडिया में रिपोर्ट आई की एनसीपी बिना कांग्रेस के सरकार नहीं बनाना चाहती।

हालांकि, तीनों दलों के बीच बातचीत शुक्रवार को लगभग फाइनल हो चुकी थी। लेकिन, रात के ग्यारह बजे और अगले तड़के सुबह 4 बजे के बीच बीजेपी ने बाजी पलट दी और शनिवार को सुबह 8 बजे फडणवीस तथा अजीत पवार शपथ लेते दिखाई दिए।

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