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Shiv Sena पर भड़के गिरिराज सिंह- ‘हिंदुत्व विरोधियों संग जा रहे हैं, आज कराह रहे होंगे बालासाहेब ठाकरे’

गिरीराज सिंह ने एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, 'बालासाहेब के वर्षों की तपस्या ने सनातनियों को महाराष्ट्र में एक उम्मीद और पहचान दी। आज हिंदुत्व विरोधियों के साथ जाता देख बालासाहेब और शिवसैनिक कराह रहे होंगे।

Author मुंबई | Updated: November 12, 2019 8:53 AM
बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह। (एक्सप्रेस फोटो)

Maharashtra Government Row: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद की जंग ने सियासत के समीकरण पलट कर रख दिए हैं। बदले माहौल में अब शिवसेना (Shiv Sena) एनडीए (NDA) छोड़ चुकी है और कांग्रेस-एनसीपी जैसे विरोधी दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश में है। बीजेपी-शिवसेना का 30 साल पुराना रिश्ता एक बार फिर टूट चुका है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने शिवसेना पर तंज कसते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘आज बालासाहेब (Bala Saheb Thackeray) और शिवसैनिक कराह रहे होंगे।’

‘बालासाहेब ने सबको एक किया’: गिरिराज सिंह ने एक ट्वीट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Former PM AB Vajpayee) और सीनियर बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी (LK Advani) के साथ बालासाहेब की एक पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, ‘बालासाहेब के वर्षों की तपस्या ने सनातनियों को महाराष्ट्र में एक उम्मीद और पहचान दी। आज हिंदुत्व विरोधियों के साथ जाता देख बालासाहेब और शिवसैनिक कराह रहे होंगे। इतिहास गवाही देगा कि कैसे बालासाहेब ने सबको एक किया और कुछ ने सबको बिखेर दिया।’

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बाला साहेब, अटल बिहारी भाजपेयी, लाल कृष्ण अडवाणी, फोटो सोर्स- ट्वीटर

पिछली बार भी हुआ था अलगावः महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी-शिवसेना की जंग में गठबंधन टूट गया। शिवसेना ढाई साल तक मुख्यमंत्री का पद चाहती थी, लेकिन बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं हुई। बीजेपी का कहना है कि उसने सत्ता की 50-50 का वादा किया था, मुख्यमंत्री पद की नहीं। 2014 में भी लोकसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद बीजेपी ने ज्यादा सीटें मांगी थी, इसके चलते दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। हालांकि तब शिवसेना के समर्थन से ही बीजेपी ने सरकार बनाई थी। बदले में बीजेपी ने शिवसेना को बीएमसी में समर्थन दिया था।

असमंजस की स्थिति में है राज्य की सियासतः फिलहाल राज्य में बीजेपी वेट एंड वॉच की पॉलिसी पर चल रही है, जबकि शिवसेना सरकार बनाने के लिए कांग्रेस-एनसीपी के संयुक्त फैसले का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एनसीपी समर्थन देने को तैयार है लेकिन वह कांग्रेस के साथ रहकर ही फैसला लेगी। वहीं कांग्रेस में विधायकों से सोनिया गांधी तक सब मंथन में जुटे हैं। कांग्रेस के बाहर से समर्थन देने का भी दावा किया जा रहा है।

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