नवाब मलिक की बेटी ने देवेंद्र फडणवीस को भेजा 5 करोड़ की मानहानि का नोटिस, बोलीं- ये तो बस शुरुआत

पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता देवेंद्र फडणवीस ने भी कथित मानहानि करने वाले ट्वीट्स के माध्यम से ‘उनके परिवार की छवि खराब करने’ के लिए महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक को कानूनी नोटिस भेजा है।

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महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक की बेटी निलोफर मलिक तथा भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस। (Photo Source: LoksattaLive)

महाराष्ट्र में ड्रग्स, भ्रष्टाचार और अपराधियों को संरक्षण देने को लेकर दो राजनेताओं के बीच रार थमता नहीं दिख रहा है। राज्य के वरिष्ठ मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक तथा पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के बीच पिछले कई दिनों से एक-दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे है। अब दोनों तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ कानूनी नोटिस भी भेजा गया है।

पीटीआई की खबर के मुताबिक नवाब मलिक के दामाद समीर खान की ओर से बेटी नीलोफर मलिक खान ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पांच करोड़ रुपये हर्जाने का मानहानि नोटिस भेजा है और लिखित माफी की भी मांग की है। नवाब मलिक की बेटी नीलोफर मलिक खान ने गुरुवार को अपने ट्विटर हैंडल पर 10 नवंबर के कानूनी नोटिस का एक स्नैपशॉट पोस्ट किया। राज्य भाजपा के प्रवक्ता ने कहा है कि वे कानूनी रूप से नोटिस का जवाब देंगे। उधर, पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता देवेंद्र फडणवीस ने भी कथित मानहानि करने वाले ट्वीट्स के माध्यम से ‘उनके परिवार की छवि खराब करने’ के लिए महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक को कानूनी नोटिस भेजा है।

नवाब मलिक की बेटी नीलोफर मलिक ने ट्वीट में लिखा, “झूठे आरोप जीवन को बर्बाद कर देते हैं। इससे पहले कि कोई आरोप लगाए या निंदा करे, उन्हें पता होना चाहिए कि वे किस बारे में बात कर रहे हैं। यह मानहानि नोटिस झूठे दावों और बयानों के लिए है जो श्री@Dev_Fadnavis ने मेरे परिवार पर लगाए हैं। हम नहीं झुकेंगे।” उन्होंने कहा कि अभी यह शुरुआत है, आगे और भी नोटिस भेजे जाएंगे।

समीर खान को इस साल जनवरी में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने कथित ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया था। उन्हें सबूतों के अभाव में सितंबर में एक अदालत ने जमानत दे दी थी। फडणवीस को भेजे कानूनी नोटिस में समीर खान के वकील ने उल्लेख किया कि उनके मुवक्किल को एनसीबी द्वारा दर्ज एक मामले में “झूठा फंसाया गया” था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह एक ड्रग सिंडिकेट में शामिल हैं। जुलाई में आरोप पत्र दाखिल करने के बाद खान को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

लेकिन एक नवंबर को फडणवीस ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा था कि मलिक के दामाद “ड्रग्स के साथ मिले थे।” और “जिस घर में ड्रग्स पाए गए थे तब उसकी पार्टी कौन सी थी।” नोटिस में कहा गया है कि आरोप “निराधार और बिना किसी गुण के” हैं। यह भी कहा गया है कि एनसीबी के पंचनामा में साफ तौर पर बताया गया है कि खान के घर की तलाशी ली गई और “घर में या उनके कब्जे में कोई प्रतिबंधित या संदिग्ध पदार्थ नहीं मिला।”

खान ने पूछा, “आपको किस स्रोत से ऐसी झूठी, तुच्छ और निराधार रिपोर्ट मिली?” नोटिस में कहा गया है कि खान लगातार मानसिक प्रताड़ना और उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं और न केवल उन्हें बदनाम किया गया, बल्कि पत्नी और बच्चे भी प्रभावित हुए हैं।

इसलिए, अब फडणवीस के बयानों के कारण मानसिक प्रताड़ना, पीड़ा, वित्तीय नुकसान और अपनी प्रतिष्ठा को लगी चोट के लिए हर्जाने के रूप में पांच करोड़ रुपये की मांग करने वाला नोटिस भेजा गया हैं। उन्होंने भाजपा नेता से लिखित माफीनामा भी मांगी है। इस बीच, महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने कहा, “मलिक के दामाद के खिलाफ चल रहे मामले के आधार पर देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया है। वह आठ महीने से सलाखों के पीछे थे।” हालांकि उन्होंने कहा कि वे नोटिस का जवाब कानूनी तौर पर देंगे। (पीटीआई से इनपुट के साथ)

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