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कोरोना से ठीक हुए मंत्री ने बताई आपबीती- बचने का 30 पर्सेंट चांस ही था, तीन दिन वेंटिलेटर पर रहा

अव्हाण ने बताया कि डॉक्टर्स ने मेरी बेटी नताशा को बुलाकर कहा था कि मेरे बचने के सिर्फ 30 फीसदी चांस हैं। डॉक्टरों ने मेरे लिए दुआ करने की बात कही थी।

jitendra awhadमहाराष्ट्र सरकार के मंत्री जितेन्द्र अव्हाण, जो कोरोना से उबरे हैं।

महाराष्ट्र के आवास विकास मंत्री जितेन्द्र अव्हाण को बीते दिनों कोरोना संक्रमण हो गया था, जिससे अब वह उबर चुके हैं। जितेन्द्र अव्हाण इसका श्रेय उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों और उनकी देखभाल करने वाले नर्सिंग स्टाफ को देते हैं, जिन्होंने उन्हें उम्मीद दी और प्रोत्साहित किया। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जितेन्द्र अव्हाण की हालत काफी गंभीर थी और डॉक्टरों ने बोल दिया था कि उनके बचने के चांस काफी कम हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में जितेन्द्र अव्हाण ने बताया कि ‘डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार दिया और नर्सों ने एक मां की तरह उनकी देखभाल की। मुझे नहीं लगता था कि मैं बच पाऊंगा।’ अव्हाण का जब कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था, तो उन्हें 22 अप्रैल से लेकर 10 मई तक आईसीयू में रखा गया। इससे पहले अव्हाण 13 अप्रैल से अपने घर में होम क्वारंटीन थे, लेकिन जब वह बेहद ही कमजोर और थका हुआ महसूस करने लगे तो उन्होंने डॉक्टर को इस बारे में बताया।

इसके बाद पहले उन्हें जुपिटर हॉस्पिटल में और फिर फोर्टिस हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। अव्हाण ने बताया कि वह 3 दिनों तक वेंटीलेटर पर रहे। अव्हाण की पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव पायी गई थी और अस्पताल में भर्ती रहीं।

अव्हाण ने बताया कि डॉक्टर्स ने मेरी बेटी नताशा को बुलाकर कहा था कि मेरे बचने के सिर्फ 30 फीसदी चांस हैं। डॉक्टरों ने मेरे लिए दुआ करने की बात कही थी। महाराष्ट्र सरकार में आवास विकास मंत्री अव्हाण ने बताया कि 19 अप्रैल के बाद वह खुद को बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस कर रहे थे लेकिन उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे जैसे बुखार या खांसी।

इसके बाद प्रोटोकॉल बदला गया, जिसमें बताया गया कि जो लोग खुद को थका हुआ महसूस कर रहे हैं, वह भी डॉक्टर से अपनी जांच कराएं। उन्होंने बताया कि ‘जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब भी उन्हें एहसास नहीं था कि उन्हें कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है लेकिन जब एक दिन मुझे अस्पताल में खाना दिया गया तो मुझे खाने की प्लेट में कोरोना दिखने का एहसास हुआ। इसके बाद ही मुझे लगा कि मैं कोरोना संक्रमण से ग्रस्त हूं।’

अव्हाण ने एनसीपी चीफ शरद पवार की भी तारीफ की और बताया कि शरद पवार ने डॉक्टरों को हिदायत दी थी कि मेरे स्वास्थ्य के बारे में सिर्फ चार लोगों को ही जानकारी दी जाए, उनमें एक वह भी शामिल रहे। अ्य तीन लोग सीएम उद्धव ठाकरे, मिलिंद नरवेकर और सुप्रिया सुले शामिल हैं।

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