महाराष्ट्रः नासिक में ऑक्सीजन टैंकर लीक होने से बड़ा हादसा, सप्लाई रुकने से 22 मरीजों ने तोड़ा दम

घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। इसके लिए एक जांच कमेटी भी गठित की गई है। एफडीए मंत्री राजेंद्र शिंगाने का कहना है कि घटना के लिए दोषी लोगों को सजा मिलेगी।

maharastra, nasik, oxygeon leakनासिक के अस्पताल में ऑक्सीजन लीक होने से 22 मरीजों की मौत (फोटोः ANI)

महाराष्ट्र के नासिक में ऑक्सीजन टैंकर लीक होने से 22 मरीजों की जान चली गई। डॉ. जाकिर हुसैन अस्पताल में दूसरे टैंकर को भरते समय एक ऑक्सीजन टैंकर लीक हो गया। इससे अस्पताल में काफी देर के लिए ऑक्सीजन सप्लाई बाधित रही। इसी दौरान वेंटीलेटर पर मौजूद 22 मरीजों की मौत हो गई। घटना से हाहाकार मचा है।

सरकार का कहना है कि घटना वाकई दुखदायी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक 22 मरीजों की जान ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से चली गई है। घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। इसके लिए एक जांच कमेटी भी गठित की गई है। एफडीए मंत्री राजेंद्र शिंगाने का कहना है कि घटना के लिए दोषी लोगों को सजा मिलेगी। उनका कहना है कि टैंकर के वाल्व में खराबी होने की वजह से बड़े पैमाने पर टैंकर से ऑक्सीजन रिसने लग गई थी। इसी रिसाव का असर अस्पताल में मौजूद मरीजों की ऑक्सीजन सप्लाई पर पड़ा।

टीवी रिपोर्ट के मुताबिक घटना के वक्त अस्पताल के वेंटीलेटर पर 23 मरीज थे। इनमें से ही 22 मरीजों ने दम तोड़ा। फिलहाल तकरीबन 35 मरीजों की हालत नाजुक बताई जा रही है। इन सभी को ऑक्सीजन की बेहद जरूरत है। लेकिन अभी अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी तरह से बाधित हो गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर काबू पाने की कोशिश जारी हैं।

नासिक के डॉ. जाकिर हुसैन अस्पताल में दूसरे टैंकर को भरते समय एक ऑक्सीजन टैंकर लीक हो गया। घटना के तुरंत बाद अधिकारी मौके पर पहुंच गए। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे अस्पताल परिसर में धुआं फैल रहा है। मौके पर मौजूद लोग फेसशील्ड लगाकार ऑक्सीजन को रोकने का काम कर रहे हैं। पहले अस्पताल प्रशासन ने अपने स्तर पर घटना को काबू करने की कोशिश की, लेकिन बाद में फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुलाना पड़ा है।

घटना से अस्पताल के पूरे इलाके में गैस फैल गई। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे गैस के रिसाव को देखने के लिए कुछ स्थानीय लोगों के साथ अस्पताल में मौजूद मरीजों के परिजन भी मौके के आसपास जमा हो गए। बड़ी मात्रा में ऑक्सीजन के व्यर्थ होने की घटना सामने आई है। इससे जुड़ा एक वीडियो ऐसे वक्त सामने आया है जब पूरे देश में ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई है। घटना इससे एक सीख लेने की भी जरूरत है ताकि और अस्पतालों में इस संकट के वक्त में किसी भी तरह की ऐसा वाकया ना हो।

गौरतलब है कि पूरे देश में कोरोना का कहर जारी है। कमजोर फेफड़े वाले लोगों को इससे बचने के लिए तत्काल ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है, लेकिन फिलहाल इसकी काफी किल्लत बनी हुई है। राज्य मोदी सरकार से लगातार ऑक्सीजन की मांग कर रहे हैं, लेकिन देश के स्वास्थ्य मंत्री का रवैया देखा जाए तो लगता नहीं है कि सरकार इसे लेकर गंभीर भी है। उनका राज्यों को टके से जवाब है कि जो ऑक्सीजन है अभी उसमें ही काम चलाओ।

मंगलवार को पीएम मोदी भी लोगों से रूबरू हुए और लॉकडाउन से पूरी तरह इनकार कर दिया। लेकिन इसमें सबसे बड़ा सवाल है कि जब न तो देश में अस्पतालों में बेड बचे हैं और न ही ऑक्सीजन। दवाओं की भी कमी हर तरफ दिखाई दे रही है तो सरकार किस योजना पर काम क रही है। लोगों का कहना है कि 500 मरीजों पर पूरे देश में लॉकडाउन और अब रोजाना तीन लाख से ज्यादा केस सामने आ रहे हैं तो सरकार नसीहतें देने में जुटी है। पीएम और उनके मंत्री उस समय बंगाल चुनाव में व्यस्त थे जब सारे देश में हाहाकार मचा था।

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