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3 दलों के साझा ऐलान से पहले ही रात में अमित शाह ने विशेष दूत को भेजा मुंबई, अजित पवार से रात में पकाई खिचड़ी, सुबह बन गई सरकार, जानें- इनसाइड स्टोरी

पार्टी सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम को जैसे ही शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं की संयुक्त बैठक हुई और लगा कि राज्य में जल्द ही सरकार गठन होने वाला है, तो भूपेन्द्र यादव शुक्रवार शाम 7 बजे मुंबई पहुंचे और वहां उन्होंने देवेंद्र फडणवीस से बातचीत की।

maharashtraमहाराष्ट्र में सुबह राष्ट्रपति शासन हटने के बाद देवेंद्र फडणवीस को सीएम पद की शपथ ली। (एक्सप्रेस फोटो)

महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से भाजपा के शीर्ष नेताओं और एनसीपी के अजित पवार के बीच समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी। अमित शाह ने इसकी जिम्मेदारी अपने करीबी नेता भूपेन्द्र यादव को सौंपी थी, जो कि पार्टी के महासचिव और महाराष्ट्र के चुनाव प्रभारी भी हैं। शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस में गठबंधन को लेकर बातचीत पिछले कई दिनों से जारी थी और इनके गठबंधन की जानकारी मीडिया में खुले रुप से सामने आ रही थी। वहीं भाजपा ने अपनी रणनीति को छिपा कर रखा और मीडिया को इसकी जानकारी नहीं होने दी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम को जैसे ही शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं की संयुक्त बैठक हुई और लगा कि राज्य में जल्द ही सरकार गठन होने वाला है, तो भूपेन्द्र यादव शुक्रवार शाम 7 बजे मुंबई पहुंचे और वहां उन्होंने देवेंद्र फडणवीस से बातचीत की। सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने बीते हफ्ते तक शिवसेना के साथ सरकार बनाने के विकल्प को खुला रखा था, लेकिन जब भाजपा ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने में असमर्थता जतायी और अन्य पार्टियों को सरकार बनाने का मौका दिया, तो इसके बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सक्रिय हुए और उन्होंने भूपेन्द्र यादव को पार्टी की कोर कमेटी से बातचीत के लिए मुंबई रवाना किया।

सूत्रों के अनुसार, इसके बाद भी शिवसेना का रुख सख्त बना रहा, तो भाजपा ने अन्य विकल्पों पर विचार करना शुरु किया। बता दें कि भाजपा और शिवसेना के गठबंधन को चुनावों में बहुमत मिला था, लेकिन दोनों पार्टियों के बीच सीएम पद को लेकर पेंच फंस गया। दरअसल शिवसेना ने भाजपा के सामने ढाई-ढाई साल के लिए सीएम पद रखने की मांग कर डाली, लेकिन भाजपा ने इससे इंकार कर दिया।

भाजपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भाजपा को उम्मीद थी कि शिवसेना और कांग्रेस का गठबंधन विचारधारा की भिन्नता के चलते नहीं हो पाएगा, लेकिन एनसीपी चीफ शरद पवार ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ कई बैठकें कर उन्हें गठबंधन के लिए तैयार कर लिया।

अब शुक्रवार शाम को जब लगा कि शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी की गठबंधन वाली सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है तो भाजपा ने भूपेन्द्र यादव को एक बार फिर मुंबई भेजा, जिन्होंने शुक्रवार की रात अजित पवार से संपर्क साधा। इसके बाद शनिवार सुबह सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया और आनन फानन में फडणवीस और अजित पवार को सीएम और डिप्टी सीएम पद की शपथ भी दिला दी गई।

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