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10-15 दिन से छायी सियासी धुंध कल दोपहर जाएगी छट, 12 बजे हो जाएगा पिक्चर क्लियर, बोले संजय राउत

Maharashtra Government Formation: संजय राउत ने कहा, 'महाराष्ट्र में सरकार गठन में पिछले 10-15 दिनों से जो मुश्किले थीं वो अब और नहीं है। कल (21 नवंबर) दोपहर तक पता चल जाएगा कि सरकार गठन में सभी बाधाएं दूर हो गई हैं।'

राज्य सभा सांसद और शिवसेना नेता संजय राउत। (ANI)

Maharashtra Government Formation: महाराष्ट्र में सरकार गठन के सियासी घमासान के बीच राज्य सभा सांसद और शिवसेना नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। बुधवार (20 नवंबर, 2019) को न्यूज एजेंसी एएनआई ने राउत के हवाले से कहा कहा, ‘महाराष्ट्र में सरकार गठन में पिछले 10-15 दिनों से जो मुश्किले थीं वो अब और नहीं है। कल (21 नवंबर) दोपहर तक पता चल जाएगा कि सरकार गठन में सभी बाधाएं दूर हो गई हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘सरकार गठन की पूरी प्रक्रिया अगले 5-6 दिन में पूरी होगी और दिसंबर से पहले महाराष्ट्र में लोकप्रिय और मजबूत सरकार का गठन कर लिया जाएगा। सरकार गठन में प्रक्रिया शुरू हो गई है।’

संजय राउत ने महाराष्ट्र में किसानों के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हमने एनसीपी चीफ शरद पवार से अनुरोध किया है कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में महाराष्ट्र के मौजूदा हालात के बारे में बताएं। बताया जाता कि है प्रदेश में किसानों की हालात पर पवार पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के सभी सांसद किसानों की समस्या के मुद्दे पर पीएम से मुलाकात करेंगे। राउत के मुताबिक सभी सांसद कोशिश करेंगे कि किसानों के लिए केंद्र से अधिक से अधिक सहायता मिले।

इसी बीच बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर एनसीपी और कांग्रेस के रुख को देखते हुए शिवसेना ने अपने एक अहम फैसले के तहत 22 नवंबर को अपने सभी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है। शिवसेना के एक नेता ने कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे बैठक को संबोधित करेंगे, जिसमें राज्य में सरकार गठन को लेकर पार्टी की भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है। महाराष्ट्र में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है।

शिवसेना नेता ने कहा, “उद्धव ठाकरे 22 नवंबर को मुंबई में पार्टी विधायकों और नेताओं की बैठक को संबोधित करेंगे।” 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के 24 अक्टूबर को घोषित चुनाव नतीजों में कोई भी पार्टी पूर्ण बहुमत के लिए जरूरी 145 सीटें हासिल नहीं कर पाई। भाजपा को 105 सीटों पर जीत मिली जबकि शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिलीं। गठबंधन कर चुनाव लड़ी भाजपा और शिवसेना को बहुमत तो मिला लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान के चलते वे मिलकर सरकार नहीं बना पाईं।

भाजपा और शिवसेना के अलग-अलग रास्ते अख्तियार करने के बाद शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा के पास पहुंची है। हालांकि, कई दौर की बातचीत के बाद भी अभी तक तीनों पार्टियों के बीच सरकार गठन को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही सरकार गठन पर स्थिति साफ हो जाएगी। (भाषा इनपुट)

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