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महाराष्ट्र में सरकार की टेंशन से मुक्त हैं कार्यकारी बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, कहीं और ही कर रहे फोकस!

शिवसेना जहां भाजपा के खिलाफ ज्यादा मुखर हो कर हमला कर रही है, वहीं भाजपा की तरफ से इस मुद्दे पर ज्यादा बयानबाजी नहीं की जा रही है।

Author नई दिल्ली | Updated: November 8, 2019 9:53 AM
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा। (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो सकी है। भाजपा और शिवसेना दोनों ही पार्टियां अपनी-अपनी बात पर अड़ी हैं। शिवसेना जहां भाजपा के खिलाफ ज्यादा मुखर हो कर हमला कर रही है, वहीं भाजपा की तरफ से इस मुद्दे पर ज्यादा बयानबाजी नहीं की जा रही है। हैरानी की बात ये है कि भाजपा आलाकमान की तरफ से इस मसले पर अभी तक चुप्पी साधी हुई है। बता दें कि भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा का तो फिलहाल महाराष्ट्र मसले पर फोकस भी नहीं है।

द इंडियन एक्सप्रेस में छपे आर्टिकल देल्ही कॉन्फिडेंशियल की एक खबर के अनुसार, जेपी नड्डा फिलहाल झारखंड विधानसभा चुनावों पर ध्यान लगाए हुए हैं। खबर के अनुसार, जेपी नड्डा ने हाल ही में झारखंड के सभी भाजपा सांसदों से मुलाकात की और उनसे झारखंड के चुनावी हालात पर चर्चा की। नड्डा ने एक बार सभी सांसदों के साथ सामान्य चर्चा की, वहीं दूसरी एक-एक कर सभी सांसदों से अलग-अलग चर्चा की। बता दें कि झारखंड में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके लिए भाजपा ने तैयारी शुरु कर दी है।

वहीं महाराष्ट्र की बात करें तो गुरुवार को भाजपा नेताओं ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। हालांकि इस दौरान भाजपा नेताओं की तरफ से सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया गया। वहीं भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने गुरुवार को पार्टी विधायकों के साथ बैठक के बाद सभी विधायकों को मुंबई के एक होटल में शिफ्ट कर दिया है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में 9 नवंबर को पिछली सरकार का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में महाराष्ट्र में आगामी 24 घंटे काफी अहम साबित होने वाले हैं।

महाराष्ट्र में भाजपा 105 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, वहीं शिवसेना के खाते में 56 सीटें हैं। हालांकि दोनों ही सहयोगी पार्टियों के बीच सीएम पद को लेकर पेंच फंसा हुआ है। दरअसल शिवसेना की मांग है कि सीएम पोस्ट 2.5-2.5 साल के लिए दोनों पार्टियों के पास रहे, जबकि भाजपा ने सीएम पोस्ट को साझा करने से साफ इंकार कर दिया है। इस बीच शिवसेना ने अपने साथ 170 विधायकों के समर्थन की बात कही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर राज्य में सरकार बना सकती है।

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