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उद्धव की दो टूक- ‘सीएम पद पर किसी का दावा परमानेंट नहीं, बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी के भी टच में हूं’

उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले मेरे व अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस के बीच सत्ता के बराबर बंटवारे के फॉर्म्यूले पर फैसला हुआ था। हम चाहते हैं कि उस समय जैसा निर्णय हुआ था वैसा ही हो।

मुंबई | Updated: November 1, 2019 8:25 AM
(फाइल फोटो)

महाराष्ट्र में चुनाव परिणाम की घोषणा के 8 दिन बीतने के बाद भी सरकार गठन को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं हो पाई है। बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के बाद भी भाजपा-शिवसेना गठबंधन में अभी सीएम पद और सत्ता के बराबर बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है।

इस बीच शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा को दो टूक कहा है कि मुख्यमंत्री पद पर किसी का भी दावा स्थायी नहीं है। उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वह भाजपा के साथ ही कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के संपर्क में हैं। शिवसेना प्रमुख के बयान से यह साफ है कि वह राज्य में सरकार गठन के लिए भाजपा के अलावा अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले मेरे व अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस के बीच सत्ता के बराबर बंटवारे के फॉर्म्यूले पर फैसला हुआ था। हम चाहते हैं कि उस समय जैसा निर्णय हुआ था वैसा ही हो। शिवसेना प्रमुख ने कहा कि कोई भी मुख्मंत्री की कुर्सी पर अपना स्थायी दावा नहीं ठोक सकता है। मैं भाजपा, कांग्रेस और एनसीपी के संपर्क में भी हूं।

बृहस्पतिवार को शिवसेना नेता व सांसद संजय राउत ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में राउत ने कहा कि इसे शिष्टाचार के नाते होने वाली मुलाकात बताया। राउत ने कहा कि मैं पवारसाहेब से मिलता रहा हूं… इस बार मैं उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं देने गया था।

सरकार बनाने के लिए एनसीपी की समर्थन के सवाल पर राउत ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि हमारे पार्टी प्रमुख ने पहले ही सारी चीजें स्पष्ट कर दी हैं… उन्होंने साफ कहा कि है कि  सभी विकल्प खुले हुए हैं।’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण के शिवसेना की तरफ से प्रस्ताव के इंतजार वाली टिप्पणी पर राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह किस-किस के संपर्क में हैं।

इससे पहले शिवसेना प्रमुख ने भाजपा विधायक दल के नेता और सीएम देवेंद्र फडणवीस की उस टिप्पणी पर नाखुशी व्यक्त की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा शिवसेना के बीच सत्ता के बराबर बंटवारे को लेकर कोई बात नहीं हुई थी।

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