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Maharashtra Election 2019: मोदी लहर में भी बीजेपी नहीं भेद पाई कांग्रेस का यह किला, इस बार दिलचस्प है धारावी का मुकाबला

Elections 2019: यह विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (एससी) के उम्मीदवार के लिए आरक्षित है, इसने 2014 की भगवा लहर को रोक दिया था। इस सीट से कांग्रेस की तीन बार की विधायक वर्षा गायकवाड़ 6,000 वोटों से जीतीं थीं।

Author नई दिल्ली | Updated: October 16, 2019 1:37 PM
धारावी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी रविवार को एक जनसभा संबोधित करते हुए। (Express Photo: Nirmal Harindran)

Maharashtra Election 2019: पिछले 15 साल से कांग्रेस का गढ़ धारावी, एशिया का सबसे बड़ा स्लम है। 2014 में मोदी लहर के बावजूद भाजपा कांग्रेस का यह किला भेदने में नाकाम रही थी। ऐसे में इस बार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धारावी में एक दिलचस्प राजनीतिक प्रतियोगिता देखने को मिलेगी। ये एरिया 2.40 वर्ग किमी के छेत्र में फैला हुआ है और इसमें लगभग 60,000 से अधिक परिवार रहते हैं। ये मुंबई के एकदम बीच में प्रमुख भूमि पर स्थित है। कांग्रेस ने धारावी में 1980 के बाद से सभी चुनाव जीते हैं। 1995 में सिर्फ एक बार शिवसेना ने यहां से विधानसभा चुनाव जीता है।

यह विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (एससी) के उम्मीदवार के लिए आरक्षित है, इसने 2014 की भगवा लहर को रोक दिया था। इस सीट से कांग्रेस की तीन बार की विधायक वर्षा गायकवाड़ 6,000 वोटों से जीतीं थीं। लेकिन इस बार भाजपा और शिवसेना, जिन्होंने 2014 के विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़े थे, ने एक गठबंधन बनाया है। इस गठबंधन के चलते इस बार इस सीट पर कडा मुक़ाबला देखने को मिलेगा।

वर्षा दिग्गज कांग्रेसी नेता एकनाथ गायकवाड़ की बेटी है। कांग्रेस ने एक बार फिर उन्हें ही धारावी से सीट का बचाव करने के लिए चुना है। वहीं शिवसेना-भाजपा गठबंधन ने शिवसेना के आशीष मोर को अपना उम्मीदवार बनाया है। धारावी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जीत के लिए प्रमुख वोट बैंकों में दलितों और मुसलमानों का वर्चस्व है।

2014 में, जब मोदी लहर के चलते कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के कई बड़े दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा पाये। तब धारावी मुंबई के उन पांच निर्वाचन क्षेत्रों में से एक थी, जिनमें कांग्रेस नहीं हारा था। हालांकि, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि ऐसा इसलिए हुए क्योंकि शिवसेना और बीजेपी ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था।

प्रत्येक पार्टियों को मिले वोटों पर नज़र डाली जाये तो शिवसेना के बाबूराव माने को 32,390 वोट मिले थे और वह दूसरे स्थान पर रहे थे, जबकि भाजपा उम्मीदवार दिव्या ढोले 20,763 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर थीं। शिवसेना और बीजेपी दोनों ने संयुक्त रूप से 53,153 वोट हासिल किए थे, जो गायकवाड़ की तुलना में 6,000 वोट अधिक हैं। गायकवाड़ ने 47,718 वोट हासिल करके चुनाव जीता था।

हालांकि हालही में इस गठबंधन ने मुंबई दक्षिण मध्य लोकसभा सीट पर जीत दर्ज़ की है। यहां से शिवसेना के राहुल शॉवेल ने चुनाव जीता है। ऐसे में धारावी इस बार कांग्रेस के हाथों से फिसल सकती है।

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