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Maharashtra Elections 2019: 5 साल में 16 हजार किसानों ने की खुदकुशी, BJP-शिवसेना से नहीं कोई खुश- शरद पवार का बयान

बकौल NCP अध्यक्ष, "ग्रामीण इलाकों के लोग मुझसे कहते हैं कि उन्होंने इस बीजेपी-शिवसेना के शासन से बुरा और कुछ नहीं देखा।"

NCP चीफ शरद पवार। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

महाराष्ट्र चुनाव के मद्देनजर NCP चीफ शरद पवार ने बीजेपी-शिवसेना को घेरा है। उन्होंने कृषि संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि पिछले पांच सालों में लगभग 16 हजार किसानों ने खुदकुशी कर ली। पवार ने यह भी दावा किया कि सूबे में बीजेपी और शिवसेना से कोई भी खुश नहीं है।

बुधवार (16 अक्टूबर, 2019) को मुंबई में एक जन सभा के दौरान कहा, “बीजेपी और शिवसेना के शासन से सूबे में समाज का कोई भी वर्ग खुश नहीं है। ग्रामीण इलाकों के लोग मुझसे कहते हैं कि उन्होंने इस बीजेपी-शिवसेना के शासन से बुरा और कुछ नहीं देखा। महाराष्ट्र में बीते पांच साल में 16 हजार किसान अपनी जान ले चुके हैं।”

बेटी ने भी बोला बीजेपी-शिवसेना पर हमलाः इसी बीच, पवार की बेटी और पार्टी नेता सुप्रिया सुले ने भी बीजेपी-शिवसेना की चुटकी ली है। मंगलवार रात थाणे जिले के कल्याण में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इतने आश्वस्त हैं कि वे आसानी से जीत जाएंगे, तब विभिन्न केंद्रीय मंत्री और देश भर के वरिष्ठ बीजेपी नेता पार्टी के लिए प्रचार-प्रसार क्यों कर रहे हैं?

गृह मंत्री अमित शाह पर जुबानी हमला बोलते हुए सुले आगे बोलीं- गृह मंत्री ने राज्य में बीजेपी के लिए ढेर सारी रैलियां कीं, पर वह अगस्त में कोल्हापुर, सतारा और सांगली क्यों नहीं गए? खासकर तब, जब वे राज्य भीषण बारिश के बाद आई बाढ़ और जलजमाव से पीड़ित थे।

जनाधार बढ़ाने के लिए शिवसेना को आदित्य पर विश्वासः उधर, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बड़े बेटे आदित्य ठाकरे के विस चुनाव में हिस्सा लेने से मुंबई की वर्ली सीट काफी चर्चा में है। सभी नजरें अब युवा सेना प्रमुख पर टिकी हैं। आदित्य अपने परिवार के पहले ऐसे सदस्य हैं, जो चुनाव लड़ रहे हैं। अगर युवा सेना के नेता अगले हफ्ते होने जा रहे चुनाव में जीत दर्ज करते हैं तो यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि चुनाव में मतों की संख्या और जीत का अंतर अधिक मायने रखेगा क्योंकि इस सीट को उनके पिता के नेतृत्व वाली पार्टी का गढ़ माना जाता है।

ठाकरे (29) राकांपा उम्मीदवार और दलित नेता सुरेश माने के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। अगर राज्य में भाजपा-शिवसेना गठबंधन सत्ता में आता है तो पार्टी उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाना चाहती है। शिवसेना उम्मीदवार जहां रोड शो, पैदल मार्च और आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई और मुंबई में रात्रि जीवन जैसे मुद्दों को उठाकर राजनीति में पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, एनसीपी का कहना है कि उसके उम्मीदवार स्थानीय मुद्दों से अधिक वाकिफ हैं क्योंकि वे वर्ली से आते हैं और इसे शिवसेना का गढ़ नहीं कहा जा सकता है।

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