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महाराष्ट्रः डिप्टी सीएम बनकर खुश नहीं थे देवेंद्र फडणवीस, अब टारगेट पर 2024 चुनाव, कर रहे तैयारी

शुक्रवार की रात देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा विधायकों के साथ बंद कमरे में बैठक की। इस दौरान फडणवीस ने विधायकों से बधाई और गुलदस्ते स्वीकार करते हुए उन्हें 2024 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए तैयार होने का आह्वान किया।

Devendra Fadanvis | Eknath Shinde
प्रेस कांफ्रेंस में एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस (फोटो सोर्स- एएनआई)

महाराष्ट्र में भाजपा ने सभी को चौंकाते हुए शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे को सीएम पद की कुर्सी दी है। वहीं राज्य के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाया है। हालांकि भाजपा के इस कदम से फडणवीस और उनके समर्थकों को झटका जरूर लगा है। दरअसल फडणवीस आलाकमान के इस फैसले से खुश नजर नहीं आ रहे थे। लेकिन 2024 चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों को देखते हुए वो डिप्टी सीएम पद से इतर पार्टी द्वारा दिए गये लक्ष्य को हासिल करने में लग गये हैं।

दरअसल शपथ लेने के बाद फडणवीस और उनके समर्थकों में निराशा का भाव देखा जा रहा था। क्योंकि एक राज्य के सीएम को उपमुख्यमंत्री पद देना उसके परों को कुतरने जैसा कदम बताया जा रहा था। लेकिन शुक्रवार(1 जुलाई 2022) की रात देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा विधायकों के साथ बंद कमरे में बैठक की। इस दौरान फडणवीस ने विधायकों से बधाई और गुलदस्ते स्वीकार करते हुए उन्हें 2024 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए तैयार होने का आह्वान किया।

दरअसल भाजपा ने अगले विधानसभा चुनाव में अपने दमपर 145 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। इसको लेकर कुछ रणनीतिकारों का मानना ​​है कि शिवसेना और कांग्रेस के काफी कमजोर होने के कारण इन्हें हासिल करना भाजपा के लिए आसान हो सकता है।

ऐसे में साफ है कि डिप्टी सीएम पद से अलग फडणवीस पार्टी द्वारा दी गई लोकसभा व विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारियों में जुट गये हैं। वहीं महाराष्ट्र बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों की माने तो पार्टी कार्यकर्ताओं के एक बड़े वर्ग की नाराजगी मुख्यमंत्री पद के “बलिदान” पर केंद्रित न होकर देवेंद्र फडणवीस के कथित “अपमान” पर केंद्रित है।

उनका दावा है कि ग्यारहवें घंटे में आलाकमान फडणवीस को शिंदे के डिप्टी के रूप में शपथ लेने का निर्देश दिया। यह जल्द ही भूलने वाला नहीं है। ऐसे में अब भाजपा नेतृत्व को आने वाले दिनों में इस कठोर फैसले के पीछे दीर्घकालिक उद्देश्य के बारे में अपने कार्यकर्ताओं को बताना होगा।

राज्य भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल का कहना हैं कि पार्टी का मानना है कि फडणवीस को पार्टी के बड़े लक्ष्य के लिए बड़ा बलिदान देना पड़ा। हर कोई जानता है कि वह सीएम उम्मीदवार थे। लेकिन जब उन्हें बताया गया कि शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा तो उन्होंने इसे तुरंत स्वीकार कर लिया। उन्होंने डिप्टी सीएम का पद स्वीकार कर बड़ी हिम्मत दिखाई है।

वहीं नागपुर के पूर्व महापौर संदीप जोशी ने फडणवीस के बलिदान की सराहना की। एक भावनात्मक पत्र में उन्होंने इस कदम को पार्टी के हर कार्यकर्ता के लिए आदर्श करार दिया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही फडणवीस के लिए हमारा सम्मान और प्यार हजार गुना बढ़ गया है।

दरअसल पार्टी का आगामी लक्ष्य हाल ही में होने वाले निकाय चुनाव है। जिसमें बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और ठाणे नगर निगम (टीएमसी) पर शिवसेना का कंट्रोल है, उसे भाजपा अपने अधीन लेना चाहती है।

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