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388 रुपये की नेल पॉलिश के लिए ‘चुकाए’ 92 हजार रुपये, महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर ऐसे हुई साइबर ठगी का शिकार

ठगी की शिकार महिला ने पुणे के वकाड थाने में प्राथमिकी दर्ज करवायी है। पुलिस ने दो व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

ई-कॉमर्स वेबसाइट से शॉपिंग करने की वजह से महिला ठगी की शिकार हुई। (Source: Pixabay)

महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ई-कॉमर्स वेबसाइट से 388 रुपये कीमत की एक नेलपॉलिश खरीदी थी। लेकिन इसके बदले 25 वर्षीय महिला को 92,446 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। यह नुकसान नेलपॉलिश की डिलीवरी में देरी को लेकर कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करने की वजह से हुआ।

पुलिस के अनुसार घटना 17 से 30 दिसंबर के बीच है। ठगी की शिकार महिला ने पुणे के वकाड थाने में प्राथमिकी दर्ज करवायी है। पुलिस ने दो व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया, “17 दिसंबर को महिला ने अपने मोबाइल फोन पर मौजूद एक एप्प से ई-कॉमर्स वेबसाइट के माध्यम से एक नेलपॉलिश की शीशी ऑर्डर की थी। इसके लिए उसने अपने बैंक अकाउंट से एक प्राइवेट बैंक अकाउंट में 388 रुपये ट्रांसफर किए थे।”

पुलिस अधिकारी ने आगे बताया, “महिला को तय तिथि पर अपना सामान नहीं मिला। इसके बाद उसने अपने सामान पहुंचने में देरी की वजह जानने के लिए कस्टमर केयर को कॉल किया। दूसरी ओर फोन उठाने वाले व्यक्ति ने कहा कि वह प्रोडक्ट उन्हें नहीं डिलीवर किया गया क्योंकि कंपनी के पास पैसे नहीं पहुंचे थे। हालांकि उस व्यक्ति ने पैसे लौटाने का वादा करते हुए महिला से उसका फोन नंबर मांगा।”

महिला द्वारा फोन नंबर दिए जाने के चंद मिनट के अंदर ही पांच ट्रांजेक्शन के माध्यम से उसके दो प्राइवेट बैंकों में जमा 90,946 रुपये निकल गए। पुलिस ने बताया, “दिलचस्प बात ये है कि महिला के एक सरकारी बैंक अकाउंट से भी 1500 रुपये निकाल लिए गए।”

महिला के कुल 92,446 रुपये निकाले गए और उसे दूसरे बैंकों में ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने बताया, “महिला ने दावा किया कि उसने अपना किसी तरह का बैंक डिटेल शेयर नहीं किया था। हमारी जांच जारी है।”

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