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नूपुर को बहादुर बताने पर युवक को 16 दिनों तक खानी पड़ी जेल की हवा, उधर SC की फटकार के बाद विपक्ष ने बोला तीखा हमला

साद ने इससे पहले 20 जून को जमानत याचिका डाली थी लेकिन भिवंडी में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद, साद ने ठाणे सत्र अदालत के समक्ष एक जमानत याचिका दायर की और उसे 27 जून को जमानत दे दी गई।

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बीजेपी प्रवक्ता रहीं नुपुर शर्मा। (फाइल फोटो)

पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान देने वाली भाजपा से निलंबित नूपुर शर्मा का समर्थन करना एक युवक को भारी पड़ गया। इसके चलते उसे 16 दिनों तक जेल में रहना पड़ा। बता दें कि मुंबई से सटे भिवंडी निवासी साद अशफाक अंसारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में नूपुर शर्मा को बहादुर बताया था। लोगों के विरोध के बाद पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर लिया था। गौरतलब है कि साद अंसारी को बीते 27 जून को जमानत मिली है।

मालूम हो कि साद अंसारी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में नूपुर शर्मा को एक बहादुर लड़की बताया था। पोस्ट के वायरल होने पर साद के घर के बाहर लोगों का जमावड़ा लग गया। लोग साद पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे थे। वहीं पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साद अंसारी पर केस दर्ज कर जेल भेज दिया।

साद मैनेजमेंट स्टडीज का छात्र है वो भिवंडी के केसरबाग का रहने वाला है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद साद 18 जून तक पुलिस हिरासत में था और बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। साद ने इससे पहले 20 जून को जमानत याचिका डाली थी लेकिन भिवंडी में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने इसे खारिज कर दिया था। इसके बाद, साद ने ठाणे सत्र अदालत के समक्ष एक जमानत याचिका दायर की और उसे 27 जून को जमानत मिल गई।

वहीं एक जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई। अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नूपुर शर्मा के बयान ने देश भर में लोगों की भावनाओं को भड़का दिया है। देश में आज जो कुछ हो रहा है, उसके लिए वो जिम्मेदार हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त अंदाज में कहा कि इन लोगों में दूसरे धर्मों के प्रति सम्मान नहीं है।

केंद्र पर विपक्ष हमलावर: बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा, “सत्ता में बैठे दल को अपना सिर शर्म से झुका लेना चाहिए।” कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कहा, “देश में ऐसा माहौल सत्ताधारी सरकार ने बनाया है। इसे एक व्यक्ति(नूपुर शर्मा) की टिप्पणी ने नहीं बनाया। इसके लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, बीजेपी और आरएसएस जिम्मेदार हैं।

राहुल गांधी क्या बोले: राहुल गांधी ने कहा कि यह एक एंटी-नेशनल एक्ट है। यह भारत के हित के खिलाफ है, यह लोगों के हित के खिलाफ है और इससे माहौल खराब होगा।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश को जोड़ने का काम किया है। वहीं दिग्गज कांग्रेसी जयराम रमेश ने कहा कि शीर्ष अदालत ने केंद्र को आईना दिखाया है।

सीताराम येचुरी ने क्या कहा: इसके अलावा माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा को भी माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने नूपुर शर्मा के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। येचुरी ने कहा कि सिर्फ नूपुर शर्मा पर ही नहीं बल्कि टीवी और अन्य जगहों पर कथित रूप से विभाजनकारी और भड़काऊ बयान देने के लिए भाजपा के अन्य प्रवक्ताओं पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।

अखिलेश यादव का ट्वीट: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर अपने ट्वीट में कहा कि सिर्फ़ मुख को नहीं शरीर को भी माफ़ी मांगनी चाहिए और देश में अशांति और सौहार्द बिगाड़ने की सज़ा भी मिलनी चाहिए।

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