ताज़ा खबर
 

महाराष्ट्र: विदर्भ में बागियों ने बिगाड़ा खेल, बीजेपी-शिवसेना में सबसे ज्यादा मुश्किल, NDA को सता रहा हार का डर

62 विधानसभा सीटों वाले विदर्भ में इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है और यहां भाजपा-शिवसेवा गठबंधन मुश्किल में है।

तस्वीर में बाएं से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे और उनके बेटे। (एक्सप्रेस फोटो)

महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं और बागियों के चुनावी मैदान में उतरने के चलते लगभग सभी मुख्य राजनीतिक पार्टियां प्रभावित हैं। 62 विधानसभा सीटों वाले विदर्भ में इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है और यहां भाजपा-शिवसेवा गठबंधन मुश्किल में है। यहां भाजपा के बागी नेता छह विधानसभा सीटों पर सेंध लगाएंगे जबकि शिवसेना के बागी पांच सीटों पर पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। इसी तरह कांग्रेस और एनसीपी को कम से कम तीन और एक सीट पर इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

भाजपा के दो बागी नेताओं चरण वाघमरे (तुमसर, भंडारा) और राजू तोडसम (अरनी, यवतमाल) भी हैं जो मौजूदा समय में विधायक हैं और दोनों ने पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी प्रदीप पडोले और संदीप धुर्वे के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया है। वाघमरे को करीब एक महीना पहले एक महिला पुलिस अधिकारी संग दुर्व्यहार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था जबकि तोडसम एक वीडियो में अपनी पहली और दूसरी पत्नी के बीच हाथापाई का वीडियो वायरल होने पर विवादों में आ गए थे।

शिवसेना के चार पूर्व विधायक आशीष जायसवाल, अशोक शिंदे, विश्वास नांडेकर और नरेंद्र भोंडेकर- भाजपा के आधिकारिक प्रत्याशी मल्लिकार्जुन रेड्डी, समीर कुनवार, संजीव रेड्डी बोधकुर्वर और अरविंद भालदार (भाजपा-शिवसेना-आरपीआई) के खिलाफ चुनावी मैदान में होंगे। रेड्डी, कुनवार मौजूदा विधायक हैं। चुनाव में भाजपा के योगेंद्र गोडे शिवसेना उम्मीदवार संजय गायकवाड़ के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। गोडे साल 2014 के चुनाव भी भाजपा उम्मीदवार थे।

अमरावती में भाजपा की सीमा सावले, यवतमाल में शिवसेना के संतोष धावले दिग्रास में भाजपा के संजय देशमुख और गोंडिया में भाजपा विनोद अग्रवाल गठबंधन के अन्य प्रमुख बागी है। कांग्रेस में भाजपा के पूर्व सांसद और भंडारा जिले की सकोली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार नाला पटोले के खिलाफ पूर्व पार्टी विधायक सेवक वाघमरे चुनावी मैदान में हैं, जो वंचित बहुजन आगाही पार्टी के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं।

पूर्व कांग्रेसी सांसद अनंतराव देशमुख ने पार्टी उम्मीद और मौजूदा विधायक अमित जनक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक रामरतनबापू रावत ने आमगांव में पार्टी उम्मीदवार सहसराम कोरेते के खिलाफ पर्चा भरा है। इसी तरह एनसीपी के बागी और पूर्व विधायक दिलीप बंसोड़ एनसीपी के ही रविकांत के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं।

Next Stories
1 प्रशासन ने नहीं दी हथियारबंद जुलूस की इजाजत, भड़के VHP नेता- जब बाबरी ढांचा नहीं बचा तो आप जिसे बचाना चाहते हैं, वो भी नहीं बचेगा
2 रावण दहन किया तो NGT चला जाऊंगा, हमेशा के लिए करा दूंगा बंद, गोवर्धन के संत की धमकी
3 बेटे आदित्य ठाकरे के सीएम या डिप्टी सीएम बनने पर पिता उद्धव ने लगाया ब्रेक-‘अभी-अभी तो राजनीति में आया है, थोड़ा इंतजार करें’
ये पढ़ा क्या?
X