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Maharashtra Assembly Elections: कभी पत्नी के साथ इकोनॉमी क्लास में चलते थे देवेंद्र फडणवीस, आज है ये रुतबा

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि सीएम के तौर पर फडणवीस के पहले कार्यकाल के बाद अब उन्हें उस पुरानी छवि की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Author Updated: October 14, 2019 12:33 PM
Maharshtra Assembly, Maharshtra Assembly Elections, Assembly Elections 2019, economy class, Devendra Fadnavis, Maharashtra elections, Maharashtra polls, BJP Maharashtra, Maharashtra Congress, shiv sena, Maharashtra assembly electionsपत्नी अमृता के साथ इकोनॉमी क्लास में फडणवीस का यह फोटो 2014 में हुआ था वायरल।

Maharashtra Assembly Elections 2019: महाराष्ट्र की सत्ता पर दोबारा काबिज होने की राह देख रहे सीएम देवेंद्र फडणवीस हाल ही में जनता का आशीर्वाद लेने के मकसद से ‘महाजनादेश यात्रा’ पर निकले थे। छह हफ्ते लंबी चली इस यात्रा के दौरान उन्होंने 140 विधासनभा क्षेत्रों को कवर करते हुए 4092 किमी की दूरी तय की। इस यात्रा के दौरान वह दर्जनों बार हेलिकॉप्टर में भी सवार हुए। सीएम की यह छवि नवंबर 2014 वाले फडणवीस से काफी अलग है। उस वक्त फडणवीस की वे तस्वीरें सामने आई थीं, जिनमें वह अपनी पत्नी अमृता के साथ एक कॉमर्शियल फ्लाइट के इकोनॉमी क्लास में सफर करते नजर आए थे।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि सीएम के तौर पर फडणवीस के पहले कार्यकाल के बाद अब उन्हें उस पुरानी छवि की जरूरत नहीं पड़ेगी। फडणवीस ने अब अपनी एक नई इमेज गढ़ ली है। वह पार्टी की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरे खतरे हैं। उन्होंने इस साल गर्मियों में हुए लोकसभा चुनावों में राज्य की 25 में से 23 सीटों पर जीत सुनिश्चित की। यह राज्य में पार्टी का अभी तक का बेहतरीन प्रदर्शन था। कांग्रेस सिर्फ सांसद तक सीमित रह गई। पूर्व सीएम अशोक चव्हाण समेत विपक्ष के कई बड़े नेताओं को शिकस्त देने के लिए बनाई गई क्षेत्रवार रणनीति में भी फडणवीस की अहम भूमिका रही।

जहां तक विधानसभा चुनावों का सवाल है, इसे बीजेपी के लिए काफी मुश्किल नहीं माना जा रहा। फडणवीस के नेतृत्व में पार्टी ने नगर निगम, जिला परिषद से लेकर पंचायत चुनावों तक में कामयाबी हासिल की है। राज्य के कई हिस्सों में बीजेपी ने कांग्रेस और एनसीपी के गढ़ में इन पार्टियों को तगड़ी चोट दी। कभी पेशे से वकील रहे 49 साल के फडणवीस ने साबित किया कि उन्हें व्यवहारिक राजनीति से कोई परहेज नहीं है।

चुनाव से ऐन पहले उन्होंने अपनी सरकार के चार मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। मराठा शासक शिवाजी के वंशज को वह बीजेपी में ले आए और एनसीपी को लोकसभा में महज 3 सीटों तक सीमित कर दिया। इस बीच, पार्टी में सभी विचारधारा के नेताओं को भी लाया जाना जारी रहा। चुनावी गणित के मद्देनजर ये कदम उठाए गए। वहीं, कुछ क्षेत्रीय क्षत्रपों मसलन नीतेश राणे और गणेश नायक को भी पार्टी में शामिल किया गया।

फडणवीस जब महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता थे, तो भी वह कांग्रेस और एनसीपी पर जोरदार ढंग से हमला बोलते रहे। फडणवीस की आलोचना तथ्यों पर ज्यादा और शब्दजाल पर कम आधारित होती है। फडणवीस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक वफादार कार्यकर्ता रहे हैं। सीएम फडणवीस पर आधारित पूरा चुनावी विश्लेषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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