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मुख्यमंत्री की कुर्सी पर महाकाल की तस्वीर, उठे सवाल

मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार मंत्रिपरिषद की बैठक उज्जैन में हुई।

मुख्यमंत्री की कुर्सी पर महाकाल की तस्वीर, उठे सवाल
उज्जैन में शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट की बैठक में अपनी कुर्सी पर महाकाल की तस्‍वीर रखवाई। फोटो-इंंडियन एक्‍सप्रेस।

उज्जैन में मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भगवान महाकाल का चित्र विराजित करने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कुछ पूर्व नौकरशाहों ने कहा है कि यह प्रदेश के इतिहास में अभूतपूर्व था और इसे टाला जा सकता था। मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री के लिए निर्धारित स्थान पर भगवान महाकाल का एक बड़ा चित्र रखा गया था। मुख्यमंत्री उस चित्र के एक तरफ बैठे और मुख्य सचिव दूसरी तरफ।

मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार मंत्रिपरिषद के बैठक उज्जैन में हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस आयताकार मेज के भगवान महाकाल के चित्र के दाएं एवं बाएं बैठे थे। यह बैठक सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक भवन में आयोजित की गई थी। लोक मान्यता के अनुसार उज्जैन नगरी भगवान महाकालेश्वर द्वारा शासित है और सरकार का मुखिया अपनी अध्यक्षता में यहां बैठक नहीं कर सकता है। मुख्यमंत्री चौहान उज्जैन की बैठक में लोक मान्यता पर चले, जिसे लेकर प्रक्रिया (प्रोटोकाल) से जुड़े सवाल उठे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज ने बैठक के पहले कहा था कि महाकाल महाराज से सबके कल्याण की कामना करता हूं। महाकाल महाराज यहां के राजा हैं, हम लोग सेवक हैं। सेवक के नाते हम लोग महाकाल महाराज से प्रार्थना कर रहे हैं। मंत्रिपरिषद ने बैठक में नव विकसित महाकालेश्वर मंदिर गलियारे का नाम ‘ महाकाल लोक ’ रखने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल से लगभग 200 किलोमीटर दूर उज्जैन में 856 करोड़ रुपए लागत की महाकालेश्वर मंदिर गलियारा विकास परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे।

बैठक में महाकाल भगवान का चित्र लगाने पर पूर्व नौकरशाहों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा और हिंदू संतों ने इसे सराहा। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने बुधवार को कहा, यह अभूतपूर्व था और विभिन्न वर्गों से इसकी आलोचना होगी। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव कृपाशंकर शर्मा ने कहा कि ऐसा करना सही नहीं है। उन्होंने कहा, यदि अन्य धर्मों के लोग भी ऐसी मांग करते हैं तो क्या वे (सरकार) यह काम करेंगे? कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि जब पार्टी सत्ता में थी (2018 से 2020 तक), तब उज्जैन में इसी तरह की बैठक होने वाली थी, लेकिन धार्मिक नेताओं द्वारा विचार विमर्श के बाद इसे रद्द कर दिया गया।

प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने बैठक में भगवान महाकाल के चित्र लगाने को सही ठहराया। महामंडलेश्वर अतुलेशानंद (आचार्य शेखर) ने कहा, यह धार्मिक दृष्टिकोण से सही है। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी शैलेशानंद गिरि ने कहा, यह एक अच्छा संकेत है कि चौहान सरकार ने देवता के उपस्थिति में बैठक आयोजित की।

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First published on: 29-09-2022 at 06:37:59 am
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