महाराष्ट्र कांग्रेस ने राक्षस ‘बकासुर’ से की BJP की तुलना, कहा- सत्ता की भूखी है भगवा पार्टी

महाराष्ट्र ने कांग्रेस ने बीजेपी की तुलना बकासुर से की है। बकासुर को महाभारत काल का पौराणिक दानव कहा जाता है, जिसे हर वक्त भूख लगती रहती थी।

प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस

महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहेब थोरात ने बीजेपी की तुलना राक्षस ‘बकासुर’ से की है। बकासुर एक पौराणिक राक्षस था, जिसका जिक्र महाभारत में मिलता है। बताया जाता है कि उसे हर वक्त भूख लगती रहती थी। बालासाहेब ने आरोप लगाया कि बीजेपी दूसरे राज्यों में मौजूद कांग्रेस सरकारों को गिराने की कोशिश कर रही है। बुधवार (24 जुलाई) को न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए बालासाहेब ने बीजेपी को सत्ता की भूखी पार्टी बताया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि यह कोई राजनीतिक पार्टी है या बकासुर।’’

कर्नाटक सरकार गिरने पर दिया बयान: बालासाहेब का यह बयान उस वक्त आया, जब कर्नाटक में करीब एक साल पहले बनी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार विश्वास प्रस्ताव हारने के बाद गिर गई। गठबंधन को विश्वास प्रस्ताव के दौरान 99 वोट मिले, जबकि बीजेपी के पक्ष में 105 वोट पड़े थे। इससे पहले मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष व बीजेपी नेता गोपाल भार्गव ने दावा किया था कि अगर भगवा पार्टी के नंबर-1 और नंबर-2 से सिग्नल मिल गया तो कमलनाथ सरकार 24 घंटे में गिरा देंगे।

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कमलनाथ-दिग्विजय ने ऐसे दिया जवाब: भार्गव के बयान पर सीएम कमलनाथ ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, ‘‘मध्य प्रदेश में कांग्रेस के विधायक बिकाऊ नहीं हैं। बीजेपी जब भी चाहे, विश्वास प्रस्ताव परीक्षण करा सकती है। हम हर समय इसके लिए तैयार हैं।’’ वहीं, कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के दौरान भगवा पार्टी ने काफी पैसा बनाया था।

मध्य प्रदेश में ऐसे हैं राजनीतिक समीकरण: मध्य प्रदेश में 230 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस ने 121 विधायकों के साथ सरकार बनाई है। इसमें बीएसपी व 4 निर्दलीय विधायकों के साथ गठबंधन किया गया था। मध्य प्रदेश में बहुमत साबित करने के लिए 115 सीटें जीतना जरूरी है। फिलहाल, राज्य में बीजेपी के 2 विधायकों नारायण त्रिपाठी व शरद कौल ने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने क्रिमिनल लॉ एमेडमेंट बिल के समर्थन कांग्रेस सरकार के लिए वोट डाला था। हालांकि, दोनों विधायकों ने भगवा पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है।

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