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मद्रास हाई कोर्ट की महिला चीफ जस्टिस ने दिया इस्तीफा, सुप्रीम कोर्ट कोलिजयम के फैसले पर विवाद

जस्टिस ताहिलरमानी ने अगस्त 2018 को मद्रास हाईकोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस अपना कार्यभार संभाला था। वह अक्टूबर, 2020 में अपने पद से रिटायर होने वालीं थी।

Author नई दिल्ली | Updated: September 7, 2019 11:28 AM
Justice vijaya k tahilramaniजस्टिस विजया के ताहिलरमानी।

मद्रास हाईकोर्ट की महिला चीफ जस्टिस विजया के ताहिलरमानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट कोलिजयम के साथ हुए विवाद के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कोलिजयम ने हाल ही में विजया के ताहिलरमानी का ट्रांसफर मेघालय हाई कोर्ट कर दिया था। इस पर जस्टिस ताहिलरमानी ने कोलिजयम से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट कोलिजयम ने जब फैसले को बदलने से इंकार कर दिया तो जस्टिस विजया के ताहिलरमानी ने इस्तीफा देने का फैसला किया है।

द इंडियन एक्सप्रेस को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि जस्टिस विजया के ताहिलरमानी ने शुक्रवार शाम को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। जस्टिस विजया के ताहिलरमानी देश में हाईकोर्ट जजों की लिस्ट में वरिष्ठता के मामले में टॉप पर हैं। जस्टिस ताहिलरमानी ने अगस्त 2018 को मद्रास हाईकोर्ट में बतौर चीफ जस्टिस अपना कार्यभार संभाला था। वह अक्टूबर, 2020 में अपने पद से रिटायर होने वालीं थी।

यदि जस्टिस ताहिलरमानी का इस्तीफा स्वीकार हो जाता है तो फिर देश में सिर्फ एक महिला हाईकोर्ट चीफ जस्टिस रह जाएंगी और वह हैं जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्तल। हाईकोर्ट के जजों ने इससे पहले भी इस्तीफे दिए हैं, लेकिन कोलिजयम से विवाद के चलते इस्तीफा देने के बेहद कम मामले हैं। इससे पहले साल 2017 में कर्नाटक हाईकोर्ट के जज जयंत पटेल ने भी कोलिजयम द्वारा उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर करने के फैसले के बाद इस्तीफा दे दिया था।

हालांकि जज जयंत पटेल ने अपने इस्तीफे की कोई वजह नहीं बतायी थी। जज जयंत पटेल ने ही गुजरात हाईकोर्ट के जज रहते हुए इशरत जहां मामले में सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे। जस्टिस विजया के ताहिलरमानी की बात की जाए तो बीती 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के कोलिजयम ने उनका तबादला मद्रास हाईकोर्ट से मेघालय हाईकोर्ट किया था। इस पर जस्टिस विजया के ताहिलरमानी ने कोलिजमय से अपने फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की थी।

हालांकि कोलिजयम द्वारा अपना फैसला नहीं बदले जाने के बाद जस्टिस ताहिलरमानी ने इस्तीफा दे दिया। सुप्रीम कोर्ट कोलिजयम का नेतृत्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई कर रहे हैं और उनके अलावा जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एनवी रामाना, जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस रोहिंटन एफ.नरीमन भी सुप्रीम कोर्ट कोलिजयम में शामिल हैं।

कोलिजयम ने बीती 28 अगस्त को मेघालय हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एके मित्तल का ट्रांसफर कर उन्हें मद्रास हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बना दिया गया है। बता दें कि मद्रास हाईकोर्ट में इस वक्त 75 जज तैनात हैं। वहीं मेघालय हाईकोर्ट में जजों की संख्या सिर्फ तीन है, जो कि जस्टिस एके मित्तल के ट्रांसफर के बाद सिर्फ दो रह गई है।

जस्टिस विजया के ताहिलरमानी अगस्त 2018 में मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस नियुक्त किए जाने से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट की कार्यवाही चीफ जस्टिस का कार्यभार संभाल चुकी है। जस्टिस ताहिलरमानी महाराष्ट्र सरकार की पब्लिक प्रोसिक्यूटर के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।

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