मध्य प्रदेशः छह लाख OBC स्टूडेंट्स की 1200 करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप अटकी, तीन साल से बजट की कमी; मौजूदा वर्ष में एक छात्र भी न पा सका स्कीम का पैसा

ओबीसी छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिलने की शिकायतें मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी पहुंच चुकी है। यह पूरा मामला मध्यप्रदेश सरकार के मुख्य सचिव की नजर में भी है।

मौजूदा वित्तीय वर्ष में एक भी ओबीसी छात्रों को स्कॉलरशिप का पैसा नहीं मिला है। (एक्सप्रेस फोटो)

मध्यप्रदेश में छह लाख ओबीसी स्टूडेंट्स के 1200 करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप अटकी हुई है। तीन साल से बजट की कमी की वजह से प्रीमियर संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का पैसा नहीं मिल पा रहा है। इतना ही नहीं मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी एक भी ओबीसी विद्यार्थी को स्कॉलरशिप नहीं दी गई है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 से लेकर अभी तक छात्रों को करीब 1600 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति मिलनी है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार की तरफ से 419 करोड़ की छात्रवृत्ति मुहैया भी कराई गई लेकिन इससे पिछले दो साल से बचे बकाये का ही भुगतान हो सका। फंड नहीं होने की वजह से मौजूदा वित्तीय वर्ष के छह लाख, पिछले वित्तीय वर्ष के तीन लाख और 2019-20 के 1.5 लाख छात्रों का स्कॉलरशिप रुका हुआ है।

स्कॉलरशिप नहीं मिलने के पीछे मध्यप्रदेश सरकार के अधिकारियों का मानना है कि अलग अलग कॉलेजों की फ़ीस में बढ़ोतरी होने की वजह से भी ऐसी समस्या आई है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहले जेईई मेंस से इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई करने वाले छात्रों को करीब 22 हजार रुपए लगते थे जो अब बढ़कर 40 हजार तक हो गया है। पहले मेडिकल कॉलेजों में 50 हजार दिया जाता था। लेकिन निजी कॉलेजों की फ़ीस भी दिए जाने का प्रावधान किए जाने के बाद यह 15 लाख तक पहुंच गया है।

ओबीसी छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिलने की शिकायतें मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी पहुंच चुकी है। यह पूरा मामला मध्यप्रदेश सरकार के मुख्य सचिव की नजर में भी है। लेकिन इसके बावजूद भी मामले का समाधान नहीं हो पाया है। छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिलने पर मध्यप्रदेश के पिछड़ा वर्ग विभाग के सचिव ने भी बजट की कमी की बात स्वीकार की है। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेजों के द्वारा अपडेट आंकड़ा और उपस्थिति की जानकारी नहीं भेजे जाने के कारण भी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप नहीं मिल पा रहा है।

बता दें कि यह स्कॉलरशिप आईआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी जैसे दूसरे संस्थानों से प्रोफेशनल कोर्सेज की पढाई करने वाले ओबीसी छात्रों को दी जाती है। ओबीसी स्कॉलरशिप के लिए केंद्र सरकार की तरफ से राज्य सरकार को हर साल 50 करोड़ रुपए ही मुहैया कराया जाता है। बाकी पैसों का इंतजाम राज्य सरकार को खुद ही करना होता है। 

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