शादी की बात पक्की नहीं तो लड़कियां न बनाएं शारीरिक संबंध, बोला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में रेप के मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की।

रेप के एक मामले में सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की। (फोटो – मध्यप्रदेश हाईकोर्ट वेबसाइट)

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने कहा है कि अगर शादी की बात पक्की नहीं हो तो लड़कियां शारीरिक संबंध न बनाएं। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए यह बातें कही। हाईकोर्ट ने कहा कि भारत अभी भी एक रुढ़िवादी समाज है और यह सभ्यता के लिहाज से उस स्तर पर नहीं पहुंचा है जहां शादी से पहले लड़के लड़कियों के बीच ऐसे संबंध बने।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में रेप के मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की खंडपीठ ने कहा कि भारत अभी भी एक रुढ़िवादी समाज है और यह सभ्यता के लिहाज से उस स्तर पर नहीं पहुंचा है जहां बिना विवाह के वादे और आश्वासन के लड़के- लड़कियों के बीच ऐसे संबंध बने। साथ ही कोर्ट ने कहा कि एक लड़का अगर किसी लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाता है, उसे आगे की जिम्मेदारियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

दरअसल कोर्ट की तरफ से यह टिप्पणी एक महिला की ओर से दायर किए गए मामले में की गई जहां पीड़िता ने एक युवक पर बलात्कार का आरोप लगाया था। युवक पर आरोप था कि उसने शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ बलात्कार किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने कहा कि दोनों के बीच आपसी सहमति से शारीरिक संबंध स्थापित हुए थे। साथ ही आरोपी के वकील ने यह भी कहा कि युवक के मुस्लिम होने की वजह से लड़की के माता पिता दोनों की शादी का विरोध कर रहे थे।

हालांकि दूसरे पक्ष के वकील ने कहा कि आरोपी ने शादी के बहाने पीड़िता के साथ अक्टूबर 2018 से बार-बार बलात्कार किया और बाद में शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद जब उसने पीड़िता को बताया कि उसकी शादी किसी और से हो रही है तो पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास किया। इसपर अदालत ने आरोपी के जमानत को भी नामंजूर कर दिया और कहा कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर  उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए जबकि वह जानता था कि दोनों अलग अलग धर्म से हैं। चूंकि पीड़िता ने संबंधों में धोखा खाने की वजह से आत्महत्या करने का भी प्रयास किया इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि वह संबंधों के प्रति गंभीर नहीं थी।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट