विमानों पर लिखे ‘VT’ को हटाने के लिए भाजपा नेता ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को लिखा पत्र, बताया गुलामी का प्रतीक

मध्यप्रदेश के ग्वालियर से भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर इस कोड को हटाने की मांग की है।

भाजपा नेता ने नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर भारतीय जहाजों के विंग्स और बॉडी पर VT की जगह IND लिखने का अनुरोध किया है। (फोटो – पीटीआई)

सरकारें बदलने के साथ ही योजनाओं और विभागों के नाम बदलने का सिलसिला काफी समय से चल रहा है। 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद भी कई विभागों के नाम बदले गए। अब भाजपा के एक नेता ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर भारतीय विमानों के ऊपर दर्शाए जाने वाले वीटी कोड को बदलने की मांग की है।

मध्यप्रदेश के ग्वालियर से भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर इस कोड को हटाने की मांग की है। कमल माखीजानी ने अपने पत्र में लिखा है कि भारत में सभी हवाई जहाजों के विंग्स और बॉडी के ऊपर VT लिखा जाता है। हमको दो अक्षर का यह शब्द बताता है कि किस तरह हम पिछले अनेक दशकों से गुलामी के प्रतीक ढो रहे हैं और दुनिया को बता रहे हैं।

उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा कि “Viceroy Territory” (VT) कोड हमें 1929 में मिला था जब अंग्रेजों का राज था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 92 साल बीत जाने के बाद भी भारत अपनी गुलामी की इस पहचान को बदलने में नाकाम रहा है। साथ ही उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया को अनुरोध करते हुए लिखा कि उनके विचार से सभी भारतीय जहाजों के विंग्स और बॉडी पर VT की जगह IND लिखा जाए।

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा नेताओं की ओर से इस कोड को बदलने की मांग उठाई गई है। साल 2016 में पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने भी वीटी कोड को बदलने का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि वीटी का आशय ‘वायसराय क्षेत्र (टेरिटरी)’ से है और यह औपनिवेशिक शासन की झलक दिखाता है। साथ ही उन्होंने कहा था कि हिंदुस्तान वायसराय का क्षेत्र नहीं हो सकता। भारत अब भी वीटी कोड की व्यवस्था को क्यों अपना रहा है? वीटी को तत्काल बदला जाना चाहिए।

इसके अलावा पिछले दिनों मानसून सत्र के दौरान भाजपा के लोकसभा सांसद हरीश द्विवेदी ने भी यह मुद्दा उठाया था। हरीश द्विवेदी के सवाल के जवाब में राज्य मंत्री वी के सिंह ने कहा था कि अगर हम वीटी कोड बदलते हैं तो सभी दस्तावेज फिर से जारी करने होंगे। विमान पर कोड फिर से पेंट करना होगा और सभी बदलाव होने तक विमान उड़ान नहीं भर सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान विमान नहीं उड़ पाएगा जिसकी वजह से एयरलाइंस कंपनियों पर आर्थिक प्रभाव भी पड़ेगा।

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