Meenakshi Natrajan Nomination Cancellation: भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की। नॉमिनेशन वापस लेने की दोपहर 3 बजे की समय-सीमा खत्म होने और कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का खारिज हुआ नॉमिनेशन बहाल न होने के बाद बीजेपी के तीन उम्मीदवारों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को रिटर्निंग ऑफिसर ने निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।
विधानसभा परिसर में सर्टिफिकेट मिलने के तुरंत बाद नवनिर्वाचित सांसदों ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें बधाई दी और पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के जश्न के बीच मिठाइयां बांटीं।
राहुल गांधी ने बोला हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, “वोट चोरी और सरकार चोरी के बाद, अब बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत ने ‘सीट चोरी’ के जरिये चुनाव शुरू होने से पहले ही मुकाबला खत्म कर दिया है। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में जो हुआ, उसे देखिए। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी ने सभी जरूरी दस्तावेज़ जमा किए थे। उन पर कोई केस भी पेंडिंग नहीं था। फिर भी, चुनाव आयोग ने बीजेपी की एक बेबुनियाद आपत्ति पर उनका नॉमिनेशन रद्द कर दिया।”
राहुल गांधी ने आगे कहा, “वहीं, बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी जी ने फॉर्म में अपना नाम ही गलत लिखा और कई जरूरी जानकारी भी नहीं दीं। इसके बावजूद, चुनाव आयोग ने उन्हें सब कुछ ठीक करने के लिए और समय दे दिया। चुनाव आयोग वही था। उम्मीदवार दो थे। एक को बिना सुनवाई के ही अयोग्य घोषित कर दिया गया। दूसरे को नियमों का पालन न करने के बावजूद फायदा पहुंचाया गया।”
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “जब कांग्रेस ने मीटिंग की मांग की, तो चुनाव आयोग ने पहले तो हमें टालने की कोशिश की। जब आखिरकार हमारी मुलाकात हुई, तो उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा। आगे भी आपको ऐसा ही बहुत कुछ देखने को मिलेगा क्योंकि बीजेपी के लिए चुनाव जीतने के मुकाबले चुनाव में धांधली करना कहीं ज्यादा आसान है।”
कांग्रेस ने नटराजन की उम्मीदवारी को बहाल करने की आखिरी कोशिश में भारत के चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट दोनों का दरवाजा खटखटाया था। तेलंगाना से जुड़े एक मामले की जानकारी छिपाने के आरोप में जांच-पड़ताल के दौरान उनका नॉमिनेशन खारिज कर दिया गया था। चुनाव आयोग ने गुरुवार शाम तक कोई फैसला नहीं लिया।
मीनाक्षी नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंहवी ने न्यायमूर्ति पी.के. मिश्रा और अतुल एस. चंदुरकर की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए इसे वास्तव में एक बेहद जरूरी मामला बताया और जल्द से जल्द सुनवाई की मांग की।
दलीलों पर ध्यान देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 12 जून की तारीख तय की। यह तर्क देते हुए कि रिटर्निंग ऑफिसर ने नटराजन के नामांकन को गलत तरीके से खारिज कर दिया, क्योंकि उन पर एक लंबित आपराधिक मामले का खुलासा न करने का आरोप था, सिंहवी ने कहा, “उनके खिलाफ केवल समन जारी किया गया था, मामले का संज्ञान भी नहीं लिया गया था। रिटर्निंग ऑफिसर उन्हें अयोग्य घोषित करते हैं।”
याचिका में यह तर्क दिया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने गैरकानूनी, मनमाने ढंग से और पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्य किया है और नामांकन पत्रों को खारिज करने के फैसले को तत्काल रद्द करने की मांग की गई है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
