मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव में बीजेपी ने अपने तीसरे उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर चुनाव को रोमांचक बना दिया है। पार्टी ने तीसरी सीट पर कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ राज्य के मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को उम्मीदवार घोषित किया है।
बीजेपी के इस ऐलान के साथ ही तीसरी सीट पर जीत के लिए दोनों दलों में मुकाबला होगा। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीनों सीटों पर 18 जून को वोटिंग होगी।
बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के नाम की घोषणा से पहले भोपाल में मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी के नेताओं ने बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इसी बैठक में तीसरे उम्मीदवार के रूप में केवट को मैदान में उतारने की सहमति बनी, जिसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने इसे हरी झंडी दिखाई।
इससे पहले शनिवार को बीजेपी प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। कांग्रेस नेताओं ने एकजुटता का दावा करते हुए राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन की जीत की बात कही है।
बीजेपी के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक
230 सीटों वाली मध्य प्रदेश की विधानसभा में मौजूदा वक्त में 228 विधायक हैं। इसमें बीजेपी के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं। बीना से विधायक निर्मला सप्रे के मतदान को लेकर स्थिति स्पष्ट ना होने और उनका झुकाव बीजेपी की तरफ होने तथा विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर लगी रोक जैसी तकनीकी वजहों से कांग्रेस को 62 विधायकों का ही समर्थन मिल सकता है।
हर उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत
राज्यसभा की तीन सीटों पर हर उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है। इस हिसाब से दो सीटें जीतने के लिए बीजेपी को 116 वोट की जरूरत है। कुल 164 में से 116 वोट देने के बाद बीजेपी के पास 48 वोट बचेंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 58 वोट चाहिए यानी बीजेपी को 10 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है।
कांग्रेस के पास जीत के लिए जरूरी विधायक हैं लेकिन बीजेपी की ओर से तीसरे उम्मीदवार की घोषणा ने उसकी चिंता बढ़ा दी है और मीनाक्षी नटराजन की जीत की राह मुश्किल कर दी है।
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